उत्तर प्रदेश कुशीनगर क्राइम राज्य

कुशीनगरःःएक बदमाश कट्टा कारतूस व चोरी की तीन बाईको के साथ गिरफ्तार,गया जेल

News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

सुनील कुमार तिवारी.कुशीनगर।पुलिस अधीक्षक कुशीनगर राजीव नारायण मिश्र के निर्देशन में जनपद में अपराध एंव अपराधियों के विरुध्द चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना तुर्कपट्टी पुलिस टीम को भारी सफलता हाथ लगी हैं। मुखबीर की सूचना पर खरदर पुल के पास से एक अभियुक्त विकास सिंह पुत्र परशुराम सिंह साकिन लबनिया कपरधिक्का थाना पटहेरवा जनपद को एक अदद कट्टा 12 बोर व दो अदद कारतूस के साथ गिरफ्तार कर अभियुक्तों के कब्जे से उनके निशानदेही पर 03 अदद मो0सा0 बरामद किया गया है। बरामद किये गये वाहनों के संबन्ध में छानबीन की जा रही है। गिरफ्तारी / बरामदगी के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 180/19 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट व मु0अ0सं0 181/19 धारा 41/411 भा0द0वि0 में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

इस घटना का खुलासा करते हुए सीओ नितेश प्रताप सिंह ने बताया कि अभियुक्त का एक लम्बा अपराधिक इतिहास रहा है। इसके विरुध्द गैंगेस्टर एक्ट का भी अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है। गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली टीम को इस सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है।विकास सिंह पुत्र परशुराम सिंह साकिन लबनिया कपरधिक्का थाना पटहेरवा जनपद कुशीनगर
तीन अदद मोटर साइकिल एक अदद कट्टा व दो अदद कारतूस 12 बोर।
बरामद हुआ इनका आपराधिक इतिहास भी रहा है ।मु0अ0सं0 286/17 धारा 3(1) यूपी गैंगेस्टर एक्ट – थाना पटहेरवा मु.अ.सं.965/14 धारा 457/380 भा0द0वि0 – थाना पटहेरवा मु.अ.सं.08/14 धारा 379/411 भा0द0वि0 थाना पटहेरवा मु.अ.सं.153/17 धारा 41/411/413 भा0द0वि0थाना पटहेरवा
मु.अ.सं. 111/18 धारा 394/307/411 भा0द0वि0 थाना तरयासुजान
मु.अ.सं.256/18 धारा 457/380/511 भा0द0वि0 थाना तरयासुजान
मु.अ.सं.257/18 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना तरयासुजान मु.अ.सं.180/19 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट मु.अ.सं.181/19 धारा 41/411 भा0द0वि0 के तहत दर्ज किया गया हैं।इसका सफल आनावरण करने में एसओ राजेश कुमार मौर्य ,उ0नि0 निरंजन कुमार राय (चौकी प्रभारी मधुरिया),आरक्षी संजय कुमार सिह,आरक्षी छोटेलाल यादव आरक्षी अमरेश प्रताप सिंह ,आरक्षी सत्यवान यादव आरक्षी पुष्पेन्द्र यादव आरक्षी विवेक कुमार मौर्य का सराहनीय योगदान रहा।

About the author

Aditya Prakash Srivastva