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दिल्ली :: शीला दीक्षित की मौत से कांग्रेस को हुई अपूर्णीय क्षति

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डेस्क, कुशीनगर केसरी/kknews24 दिल्ली(२० जुुुलाई)। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली की पूर्व मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित का आज २० जुलाई को ८१ वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लागातार १५ साल दिल्ली की मुख्‍यमंत्री और केरल की राज्यपाल भी रह चुकी थीं।
गौरतलब है कि शीला दीक्षित का जन्म ३१ मार्च १९३८ को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के जीसस एंड मेरी कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षा पाई और दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की थी। उनका विवाह उन्नाव (यूपी) के आईएएस अधिकारी विनोद दीक्षित से हुआ था। विनोद कांग्रेस के बड़े नेता और बंगाल के पूर्व राज्यपाल उमाशंकर दीक्षित के बेटे थे। शीला के बेटे संदीप दीक्षित भी दिल्ली के सांसद रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले वे कई संगठनों से जुड़ी रही हैं और उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए दिल्ली में दो होस्टल भी बनवाए। 1984 से 89 तक वे कन्नौज (उप्र) से सांसद रहीं। इस दौरान वे लोकसभा की समितियों में रहने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं के आयोग में भारत की प्रतिनिधि रहीं। वे बाद में केन्द्रीय मंत्री भी रहीं। वे दिल्ली शहर की महापौर और १९९८ से २०१३ तक लगातार १५ साल दिल्ली की मुख्‍यमंत्री भी रहीं। श्रीमती दीक्षित इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की सचिव भी थीं। इसके साथ ही वे विवादों से भी जुड़ी रही हैं और उन पर भाजपा की एक नेत्री ने सरकारी राशि का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया था। कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी उन पर इसी तरह के आरोप लगे थे। जेसिका लाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी मनु शर्मा को पैरोल पर रिहा करने को लेकर भी उन पर आरोप लगे थे। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शिला दीक्षित के देहांत से कांग्रेस में अपूर्णीय क्षति हुई है।

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Aditya Prakash Srivastva