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कुशीनगर :: कृष्ण लीला का वर्णन सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

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सुनिल कुमार तिवारी, कुशीनगर केसरी/kknews24 कुशीनगर(२५ जुुुलाई)। विशुनपुरा विकासखंड के ग्राम सभा मिश्रौली मैं आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान वृंदावन से पधारे कथा मर्मज्ञ आचार्य जीयूत प्रसाद पान्डेय ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते कहा की श्रीमद् भागवत कथा जो सच्चे मन से सुनने से वह जन्म मृत्यु के बंधनों से मुक्ति पा लेता है । कथा मर्मज्ञ ने कृष्ण बाल लीला का सुंदर वर्णन किया जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

कथा की शुरुआत में महाराज श्री ने करते हुये कहा कि इस जीवन में हम छोटी-छोटी कई गलतियां करते हैं जिनकी वजह से हम लोग ईश्वर की नजरों में कहीं न कहीं गलत साबित होते हैं जिनसे हमारी छवि का निर्माण होता है। कथा प्रारंभ करते हुए कृष्ण जन्म पर नंद बाबा की खुशी का वृतांत सुनाते कहा कि जब प्रभु ने जन्म लिया तो वासुदेव कंस कारागार से उनको लेकर नंद बाबा के छोड़ आए और वहां से जन्मी योगमाया को ले आए। नंद बाबा के घर में कन्हैया के जन्म की खबर सुनकर पूरा गोकुल झूम उठा। उन्होंने पूतना चरित्र का वर्णन करते कहा कि पुतना कंस की भेजी राक्षसणी थी। पुतना कृष्ण को विषपान कराने के लिए एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर वृंदावन में पहुंची थी। जब पूतना भगवान के जन्म के छह दिन बाद प्रभु को मारने के लिए अपने स्तनों पर कालकूट विष लगा कर आई तो मेरे कन्हैया ने अपनी आंखे बंद कर ली, क्योंकि जब एक बार ठाकुर की शरण में जो आ जाता है तो उसका उद्धार निश्चित है। जब पूतना और शूर्पणखा आई तो प्रभु ने आखें फेर ली, क्योंकि वो मित्र के भेष रखकर शत्रुता निभाने आई थी। मौका पाकर पुतना ने बालकृष्ण को उठा लिया और स्तनपान कराने लगी। श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही पुतना का वध कर उसका कल्याण किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के पर उद्धव चरित्र, रूक्मिणी विवाह, रास पंचाध्यायी प्रसंग का वृंतात भी बताया। इस दौरान मुख्य यजमान कृपा नारायण मिश्र हरीराम अभिषेक मिश्रा दिवेश मिश्र री सुमेश संतोष मिश्र चन्दन मिश्र विनय मिश्र दुखन दीक्षित मेहेन्द्र दीक्षित प्रसिद्ध नारायण दीक्षित अनुज तिवारी प्रेम तिवारी अजय दीक्षित आदि श्रद्धालुओं ने रसपान किया।

 

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Aditya Prakash Srivastva