उत्तर प्रदेश कुशीनगर राजनीति राज्य

कुशीनगर ।भारतीय किसान यूनियन भानु से जुड़े लोगों ने मांगो को लेकर उप जिलाधिकारी  को सौंपा ज्ञापन

News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

 

डेस्क.कुशीनगर।किसानों की हितों की माँग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने सात सूत्रीय माँगों का ज्ञापन प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को सौपते हुए अवगत कराया है कि भारत कृषि प्रधान देश है और इस देश का लगभग 80% किसान अपने खेतों में दिनरात मेहनत करके अन्न पैदा करता है और उसी अन्न के सहारे पूरे देश की जिविका चलता है और इस देश का अन्नदाता आज बदहाली के उस कगार पर पहुँच गया है जहाँ उसे आत्महत्या करने के अलावा और कोई रास्ता ही नजर नही आ रहा है|

1. जनपद कुशीनगर के किसानों का गन्ना पेराई सत्र 2018-19 में खेतों में ही सुख गया था और कुछ किसान अपने गन्ने को क्रेशर पर ले जाकर औने पौने दामों पर बेचने के लिये मजबूर हो गये थे जिसका प्रमुख कारण था किसानों को पर्ची सोसाइटी द्वारा समय से न मिलना? पेराई सत्र 2019-20 में किसानों को पर्ची सोसाइटी द्वारा समय से मुहैया कराया जाय ताकि किसानों का गन्ना चीनी मीलों तक समय से पहुँच सके|

2. गन्ने की पर्ची की ब्यवस्था जो ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है वह सोसाइटी के द्वारा किया जाय ताकि किसानों को पर्ची की जो समस्या हो उसे तत्काल सोसाइटी पर जाकर उसका समाधान किया जा सके|

3. जनपद कुशीनगर के खड्डा तहसील अन्तर्गत गांव शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर और मरचहवा के ग्रामवासी अपने जान को जोखिम में डालकर रोजाना अपने रोजी रोटी के चक्कर में नारायणी नदी पारकर खड्डा शहर में आते है और मेहनत मजदूरी करते है और शाम को अपने घर वापस जाते है और आये दिन उनकी जान जाने का खतरा बना रहता है| हमारा यूनियन माँग कर रहा है की उस गांव के लोगों को आने जाने के लिये पीपे का या पक्का पूल का ब्यवस्था सरकार द्वारा किया जाय जो जनहित में होगा|

4. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक फरमान जारी किया गया था जिसमे प्रदेश के सभी चीनी मीलों को अवगत कराया गया था की गन्ने का भुगतान 14 दिन में किसानों के खाते में पहुँचाया जाय मगर योगी सरकार का यह दावा सिर्फ हवा हवाई होकर रह गया है| हमारा यूनियन माँग करता है की किसानों के गन्ने का भुगतान पेराई सत्र 2018-19 का जिन किसानों के खाते में अबतक नही गया है उसका भुगतान ब्याज के साथ कराने की ब्यवस्था सरकार सुनिश्चित करें|

5. इन साल डीजल, खाद, कीटनाशक दवाओं, खेतों की जोताई, मजदूरी इत्यादि के दामों में बढ़ोतरी हुआ है इसी को मध्यनजर रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार गन्ने का मूल्य पेराई सत्र 2019-20 में कम से कम 500/- प्रति कुन्तल करने की घोषणा करे जो किसान हित में मील का पत्थर साबित होगा ही साथ ही साथ आने वाले समय में बीजेपी सरकार को लाभ मिलने की संभावनाए भी बढ़ जायेगी|

6. कप्तानगंज तहसील अंतर्गत खाध्य एवं रशद विभाग द्वारा प्रत्येक गांवों के राशन कार्ड धारकों का राशन कार्ड से नाम काट दिया जा रहा है (यूनिट कम कर दिया जा रहा है) और शिकायत करने पर उसे दुरुस्त कराने के लिये धनउगाही का कार्य किया जा रहा है जो उचित नही है| हमारा यूनियन माँग करता है की इसे तत्काल रोका जाय जो जनहित में होगा|

7. अवगत कराना है कि भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर द्वारा दिनाँक 02 अप्रैल 2019 को एक ज्ञापन माननीय उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को दिया गया था जिसमे माँग किया गया था कि सचिदानंद हॉस्पिटल(ईसाई अस्पताल) कप्तानगंज, कुशीनगर द्वारा सड़क की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा है इसके तुरन्त बाद ही उपजिलाधिकारी ने उक्त अवैध निर्माण को अपने मातहत द्वारा रोकवाया और तुरन्त लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी किया कि उक्त निर्माण की जांच कराई जाय और यदि सरकारी जमीन में अवैध निर्माण हो रहा हो तो उसे तत्काल रोककर कार्यवाही किया जाय| लोक निर्माण विभाग द्वारा एक टीम गठित किया गया और उस टीम ने उक्त अवैध निर्माण जो अस्पताल द्वारा हो रहा था वह सरकारी जमीन में पाया गया और उस टीम ने संस्था को एक नोटिस जारी किया और उसके द्वारा बताया गया कि एक सप्ताह के अन्दर उस अवैध निर्माण को संस्था द्वारा हटवाया जाय अन्यथा हमारे विभाग द्वारा कानूनी कार्यवाही किया जायेगा मगर आजतक लोक निर्माण विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नही किया गया जो योगी सरकार को भूमाफियाओं द्वारा सीधे सीधे चुनौती दिया जा रहा है साथ ही साथ योगी सरकार की किरकिरी अधिकारिओं और कर्मचारियों द्वारा कराया जा रहा है| हमारा यूनियन माँग कर रहा है की तत्काल इस अवैध निर्माण को हटवाया जाय जो जनहित में होगा| अन्त में जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने सरकार को आगाह किया है कि किसानों के हितों को ध्यान रखते हुए उपरोक्त माँगों को जल्द से जल्द अमल में लाने का प्रयास किया जाय जो किसानों के हितों के साथ साथ जनहित में मील का पत्थर साबित होगा| यदि ऐसा नही हुआ तो हमारा यूनियन किसानों की हक की लड़ाई के लिये कोई भी कदम उठाने के लिये मजबूर हो सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी| इस मौके पर हरी जी, चेतई प्रसाद, भोरिक यादव, शिवपूजन चौधरी, जयराम, अरविन्द कुमार के साथ साथ अन्य कार्यकर्त्ता और किसान मौजूद रहें|

About the author

Aditya Prakash Srivastva