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कुशीनगरःःचीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष ने लखनऊ मीटिंग में उठाई आवाज

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डेस्क.कुशीनगर।लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये भारतीय किसान यूनियन (भानु) के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह द्वारा अक्टूबर 2018 से लगातार धरना प्रदर्शन के माध्यम से माँग किया जा रहा है और इसी सन्दर्भ में यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह द्वारा आज दिनाँक 23 सितम्बर 2019 को एक ज्ञापन माननीय गन्ना आयुक्त को दिया गया जिसमें माँग किया गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्य नाथ सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र पिपराइच में एक नया चीनी मील को लगवा दिए मगर उन्होंने यह कभी भी नही सोचा की जनपद कुशीनगर में भी कम से कम एक चीनी मील चालू किया जाय? जबकि लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील चलने योग्य है और बिबादित परिस्थियां ना के बराबर है साथ ही साथ इसको चालू करने हेतु हर प्रकार की उपयुक्त सुविधाये मौजूद है| लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है इस क्षेत्र में किसानों का नकदी फसल गन्ना ही है और इसी गन्ना के सहारे किसान अपने बच्चों के पढ़ाई, दवाई, शादी विवाह के साथ साथ अन्य सभी जरूरतों को पूरा करता है और इस क्षेत्र में गन्ना बिना पानी के भी हो जाता है इसका मुख्य कारण है यहाँ की जलवायु और अत्याधिक उपजाऊ मिट्टी है जो गन्ने के खेती के लिये उपयुक्त है| जबकि लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये पडरौना के सांसद लोकसभा में आवाज उठा चुके है और रामकोला के विधायक इस मील को चलवाने के लिये मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से पत्रक द्वारा माँग किये है| आगे श्री सिंह ने बताया है कि मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ पिपराईच चीनी मील जो 02 हजार हेक्टेयर गन्ना की उपज में 05 लाख कुन्तल गन्ना जहां होता है उस जगह पर एक नया चीनी मील स्थापित करा दिए जबकि लक्ष्मीगंज चीनी मील जोन में 40 से 45 लाख कुन्तल गन्ने का उत्पादन प्रति वर्ष होता है और वहां की बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये अभी तक कोई प्रयास नही किया गया जो इस परिक्षेत्र के किसानों के साथ सौतेला ब्यवहार योगी द्वारा किया जा रहा है जब कि लक्ष्मीगंज जोन का सम्पूर्ण गन्ना अलग अलग चीनी मीलों को आबंटित कर दिया जाता है जिसके वजह से लक्ष्मीगंज जोन का कितना गन्ना होता है उसका आकड़ा ठीक से मालूम नही हो पाता है| लक्ष्मीगंज चीनी 40-45 एकड में है और इस बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये यहाँ हर एक सुविधा मौजूद है| लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील के गन्ने का क्षेत्रफल पूरब से लेकर पश्चिम तक 16 किलोमीटर और उत्तर से लेकर दक्षिण तक 20 किलोमीटर में फैला हुआ है लगभग 500 मजरों के 08 हज़ार हेक्टेयर रकवा मे गन्ने की खेती परम्परागत से होती आ रही है| यहाँ प्रति हेक्टेयर गन्ने की उपज वर्तमान मे 800 से लेकर 1000 कुन्तल है| लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र प्रतिवर्ष 60 से 70 लाख कुन्तल गन्ना उत्पादन करने मे सक्षम है| लक्ष्मीगंज जोन के गन्ने के सहारे ही जनपद की तीन चीनी मिलें कप्तानगंज, रामकोला और ढांडा चलती है।अन्त में यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने गन्ना आयुक्त से आग्रह के साथ माँग किया है कि लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये अपने स्तर से कोशिश करके इस मील को चलवाने में अपनी अहम भूमिका निभावें जो इस परिक्षेत्र के किसानों के हित में मील का पत्थर साबित होगा| इस मौके पर युवा मण्डल अध्यक्ष अमित शर्मा, हरि जी, भोरिक यादव,बंशबहादुर विश्वकर्मा, चेतई प्रसाद, जवाहर प्रसाद, रधई प्रसाद, जीरा यादव के साथ साथ अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Aditya Prakash Srivastva