उत्तर प्रदेश कुशीनगर क्राइम

कुशीनगरःःसाइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड करके अनेक लोगों के खाते से उड़ायी गई रकम को कराया वापस

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सुनील कुमार तिवारी.
कुशीनगर।पुलिस अधीक्षक द्वारा फरियादियों के प्रार्थाना पत्रों पर संज्ञान लेते हुए साइबर सेल को निर्देशित किया गया था कि प्राथमिकता के आधार पर सर्वप्रथम धनराशि को यथा सम्भव उनके खाते में वापस करा दिया जाय तथा उक्त अपराधियों पर भी सख्त कार्यवाही की जाय। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार साइबर सेल ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अनेक व्यक्तियों के खाते से अवैध तरीके से निकाले गये धनराशि को उन्हीं के खाते में वापस कराने में सफलता हासिल की।फरियादियों द्वारा दिये गये प्रार्थना प्रत्रों के जांचोपरांत पाया गया कि अधिकांश लोगो का पैसा फोन पर अपने खाते व ए0टी0एम0 की जानकारी बताने व कुछ लोगो को ‘Phone Pe’ और ‘Google Pay’ (Tez) नामक कैश वैटेल से कैश प्राप्त करने का लिंक भेजकर खाते से पैसा अपराधियो द्वारा निकाला गया है। जांचोपरांत यह भी पाया गया कि अधिकांश लोग ‘Phone Pe’ और ‘Google Pay’ (Tez) नामक कैश वैटेल का प्रयोग तो करते हैं। लेकिन कैश वैलेट द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में अनभिज्ञ रहते हैं। जैसे- ‘Phone Pe’ और ‘Google Pay’ (Tez) नामक कैश वैटेल में सुविधा है कि कोई भी व्यक्ति अन्य व्यक्ति को पैसा भेजने हेतु तथा पैसा मंगाने हेतु लिंक भेज सकता है। इसी सुविधा का प्रयोग करके साइबर अपराधी दूसरे व्यक्ति को लालच देकर या ‘OLX’ या दुकान से सामान खरीदने के नाम पर पैसा भेजने वाली लिंक भेजने के बजाय पैसा मगाने वाली लिंक भेज देते है और सामने वाला समझता है कि उसको पैसा मिलेगा जबकि लिंक पर टच करके Accept करते ही उनके खाते से पैसा कट कर साइबर अपराधी के खाते में चला जाता है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार उक्त के क्रम में साइबर सेल द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए फरियादी 1-इस्तेयाक अंसारी सा0 कसया के रु0 19670/-,शिवानी राव सा0 पड़रौना के रु0 3726/-,शिल्पी गुप्ता सा0 हाटा के कुल रु0 32084/-,(Ola Cabs से रु0 3190/- तथा Phone pay से रु0 28894/-), वीर विजय राव सा0 कसया के रु0 14529 इस्तेयाक अंसारी सा0 तुर्कपट्टी के रु0 4750/- इस प्रकार कुल रु0 74759/-फरियादियों के विभिन्न बैंकों में खोले गये बचत खातो में वापस करा दिया गया तथा फ्राड करने वाले के विरुध्द आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस कार्य को आरक्षी अनिल कुमार यादव साइबर सेल द्वारा सम्पादित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक महोदय के कुशल निर्देशन में कार्य कर रही साइबर पुलिस टीम ने बताया कि साइबर फ्राड होने की दशा मे यदि फरियादी साइबर ठगी होने के 24 घण्टे के अन्दर सूचना देता है तो फ्राड किये गये पैसो की वापसी की सम्भावना अधिक रहती है।
.साइबर फ्राड से बचाव का तरीका-
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र द्वारा बताया गया कि आज के आधुनिक परिवेश में सबसे अधिक साइबर फ्राड फोन करके ओ0टी0पी0 पूछकर पैसे निकालते समय ए0टी0एम0 कार्ड का नं0 व पासवर्ड चोरी करके ऑनलाइन वैलेट के माध्यम से किया जा रहा जिससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि फोन पर किसी भी व्यक्ति को अपने खाते से सम्बन्धित जानकारी साझा न करें और एटीएम बूथ से पैसे निकालते समय बूथ में अकेले ही प्रवेंश करे व अपना पासवर्ड छुपा कर दर्ज करें। अधिकतर साइबर अपराधी एटीएम बूथ में भीड़ का फायदा उठाकर साथ ही एटीएम बूथ के अन्दर प्रवेश कर जाते है। एवं सामने वाले व्यक्ति के पैसा निकालते समय ही उसका एटीएम कार्ड नं0 व पासवर्ड याद कर लेते है। जिसका भनक तक सामने वाले व्यक्ति को नही लगती है कि उसका एटीएम कार्ड नं0 व पासवर्ड चोरी हो गया है। यदि इस तरह का किसी भी प्रकार का शक हो तो तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दें।

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Aditya Prakash Srivastva

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