उत्तर प्रदेश क्राइम राज्य सोनभद्र

सोनभद्र : नगर पंचायत अध्यक्ष चोपन इम्तियाज के हत्या का पुलिस ने किया खुलासा

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अनूप श्रीवास्तव कुशीनगर केसरी सोनभद्र(०२ नवंबर)। 25 अक्टूबर को चोपन नगर पंचायत अध्यक्ष श्री इम्तियाज अहमद पुत्र मजनू 47 वर्ष की कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्रेवाल पार्क प्रीत नगर,चोपन में बालीबाल खेलते समय हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में नगर पंचायत चोपन के अध्यक्ष के भाई ने कुछ नामजद व अज्ञात लोगों के खिलाफ चोपन थाना में मुकदमा दर्ज करवाया था।

इस घटना की सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी चोपन विजय प्रताप सिंह सिपाही प्रदीप राय, अस्वनी सिंह द्वारा इस हत्या में शामिल कश्मीर पासवान उर्फ राकेश पुत्र विनय पासवान निवासी चकनार कस्तूरी थाना जपला जनपद पलामू (झारखंड) को घटनास्थल से गिरफ्तार करते हुए हत्या में प्रयुक्त कार्बाइन मय मैगजीन, तीन जिंदा व एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। घटना में शामिल कुछ और बदमाश घटनास्थल से फरार हो गए थे। इस घटना के खुलासे तथा फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु श्रीमान पुलिस अधीक्षक जनपद सोनभद्र द्वारा तीन टीमों का गठन किया गया जिसमें थाना प्रभारी चोपन, अनपरा, हाथीनाला, स्वाट सर्विलांस, अभिसूचना इकाई के पुलिसकर्मियों को सम्मिलित किया गया। क्षेत्राधिकारी ओबरा के नेतृत्व में व अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के निकट पर्यवेक्षण में इन टीमों द्वारा अभिसूचना संकलन करते हुए उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर घटना में दबिश देकर घटना में सम्मिलित अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई और घटना का सफल खुलासा किया गया। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि इस घटना को करने के पीछे मुख्यतः व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता वह आपसी रंजिश का होना पाया गया। राकेश जायसवाल पुत्र कैलाश चंद्र गुप्ता निवासी बिल्ली मारकुंडी थाना ओबरा सोनभद्र एवं रवि जालान पुत्र निरंजन जालान निवासी रावटसगंज सोनभद्र इम्तियाज अहमद काफी समय से जनपद में माइनिंग के व्यवसाय से जुड़े तथा व्यवसाय में पार्टनर थे। कुछ समय पूर्व आपसी मतभेदों के चलते यह लोग पार्टनरशिप छोड़कर अलग हो गए। वर्तमान में हुए ई टेंडरिंग में इम्तियाज अहमद को टेंडर मिलने की वजह से राकेश जायसवाल बहुत नाराज हुए।इस टैंडर कै निरस्त कराने के लिए उनके द्वारा पीआईएल दाखिल की गई परंतु इन्हें माननीय न्यायालय से राहत नहीं मिली क्योंकि इम्तियाज अहमद को माइनिंग की अच्छी जानकारी थी। टेंडर ना मिलने की संभावना को देखते हुए राकेश जायसवाल द्वारा इम्तियाज अहमद को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा गया जिसमें राकेश जायसवाल द्वारा रिंकू भारद्वाज, धर्मेंद्र कुमार एवं सूरज पासवान की मदद ली गई।

रिंकू भारद्वाज को आशनाई के चक्कर में इम्तियाज अहमद के समर्थकों द्वारा मारा पीटा गया था जिससे कारण रिंकू इम्तियाज अहमद से रंजिश मानने लगा था और षड्यंत्र में शामिल हो गया। रिंकू ने अपने दोस्त सूरज पासवान को पैसे का लालच देकर शामिल कर लिया। सूरज पासवान द्वारा बिहार व झारखंड के अपराधियों से संपर्क कर उनको घटना को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी। धर्मेंद्र कुमार द्वारा अपने बैंक खाते से शूटरों को पैसे का भुगतान किया गया था। इस हत्या का षड्यंत्र माह सितंबर में कोलकाता में रचा गया। जिसमें रिंकू भारद्वाज, सूरज पासवान, अरविंद केसरी, धर्मेंद्र कुमार, पवन चौहान आदि को सम्मिलित कर घटना को अंजाम देने में स्थानीय अपराधी रवि गुप्ता कृष्णा सिंह को भी शामिल किया गया।

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Aditya Prakash Srivastva