उत्तर प्रदेश कुशीनगर क्राइम राज्य

कुशीनगर : पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं

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मनोज पांडेय (क्राइम ब्यूरो प्रभारी उत्तर प्रदेश) कुशीनगर केसरी कुशीनगर(०६ नवम्बर)। जनपद के नेबुआ नौरंगिया थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत विशनपुरा खुर्द निवासी सच्चन यादव पुत्र दुखहरण यादव अपने बड़े भाई के लड़कों बच्चन यादव व कुबेर यादव से तंग आकर दिनांक 27 अगस्त 2018 को एक प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को दिया। जिसमें आरोप लगाया था कि बंटवारे के बाद भी बच्चन यादव एवं कुबेर यादव उसके जमीन को मनमाने ढंग से कब्जा कर लिया है, जिसका आराजी नंबर 310 /0.02 ए० तथा 316/0.34 बी. जबरदस्ती एवं दबंगई के बल पर कब्जा कर लिया और सच्चन यादव एवं उनके परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी। डर के मारे सज्जन यादव ने एक प्रार्थना पत्र थानाध्यक्ष नेबुआ नौरंगिया को दिया जिसमें कोई कार्यवाही नहीं हुई तत्पश्चात उसने तंग आकर दबंग व अपराधी किस्म के लोगों के डर से अपने परिवार की सुरक्षा के लिए एक प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को देने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। अब उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर अपनी जान माल सुरक्षा एवं जमीन की सुरक्षा के लिए शीकायत दर्ज कराया है लेकिन दो माह बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

बता दें कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अपराधियों पर नकेल कसने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं लेकिन  फिर भी इस अपराधी किस्म के लोगों से सच्चन यादव के परिवार को सुरक्षित करने का कोई योजना नहीं बनाई है। जबकि बच्चन यादव पहले से ही गुंडई करता चला आ रहा है। 1992-93 में रामपुर बांगर में धोबी की हत्या भी कर चुका है और धमकी देता है कि जब 12 किलोमीटर में हत्या करने के लिए जा सकता हूं तुम तो मेरे बगल में ही रहते हो तुम्हारी हत्या करने में मुझे समय भी नहीं लगेगा। वह न तो पुलिस से डरता है और ना ही लोगों से डरता है। बच्चन यादव का संपर्क बिहार और नेपाल के कुख्यात अपराधी किस्म के व्यक्तियों से है। गांव के लोग उससे डरते हैं और कोई उसके खिलाफ बयान नहीं देता है। इस शासन में ऐसे लोग खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही, आखिर क्या कारण है।

आखिर में इस अपराधी किस्म के व्यक्तियों पर अपराधियों  के नकेल कसने वाले मुख्यमंत्री के कार्यकाल में अब तक नकेल क्यों नहीं कसा गया यह समझ से परे है। जबकि सूत्रों की मानें और स्वयं सच्चन ने भी अपने शीकायती पत्र में दर्शाया है कि बच्चन यादव व कुबेर यादव अपराधी किस्म के होने के साथ-साथ हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भी हैं। लगता है की हियुवा संगठन का नाम जुड़ने के नाते अधिकारियों द्वारा इन गुंडे किस्म के लोगों पर नकेल कसने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। “सैंया भए कोतवाल अब डर काहे का” यह कहावत यहाँ सच साबित हो रही होती दिख रही है।

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Aditya Prakash Srivastva