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कुशीनगर : नहीं हुई बासी नदी की सफाई, गन्दगी पर आस्था पड़ी भारी

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सुनील तिवारी/शम्भू मिश्र, कुशीनगर केसरी कुशीनगर (२३ नवंबर)। जनपद के यूपी-बिहार की सीमा बांसी धाम घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार की अहले सुबह से लाखों की संख्या में यूपी बिहार से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बांसी नदी में डुबकी लगाकर पूजा अर्चना करने के बाद संकल्प ले गौ दान किए।

इस नहान मेले में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या अधिक देखी गई। गुरुवार की शाम से ही दूर-दराज से श्रद्धालु जुटने शुरु हो गए पंडाल में किया रात्रि विश्राम.शुक्रवार की अहले सुबह 3 बजे से श्रद्धालु बांसी नदी के दोनों तटों पर बने घाट पर पहुंचने लगे। सुबह के पांच बजते ही यूपी बिहार की सीमा पर दोनों तरफ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगश्रद्धालुओं के स्नान के बाद बाहर निकलते ही गौ दान व पूजा अर्चना की गई। इच्छा अनुसार दान दिया गया।
इस ठंड में श्रद्धालु कंपकपा रहे थे। फिर भी स्नान व दान का कार्यक्रम यूं हीं चलता रहाआकर्षण का केंद्र बना झूला। बांसी मेले में बाहर से आए झूला, सर्कस, जादूगर आदि आकर्षण का केंद्र बने रहे। जिसमें खासकर बच्चों एवं युवाओं की अच्छी खासी भीड़ देखी गई। वहीं देर रात तक झूला के लिए लोगों का तांता लगा रबांसी मेले में आए श्रद्धालुओं के विश्राम के मनोरंजन के लिए राजनीतिक दलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें वाल्मीकिनगर र विधायक रिंकू सिंह बांसी के एक निजी स्थान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया। विधायक श्री सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक मेले को पर्यटन का दर्जा दिलाने के लिए पहल की जा रही है सरकार बहुत जल्द ही इस पर फैसला ले सकती हैसांस्कृतिक कार्यक्रम में भोजपुरी सिनेमा जगत के जाने माने कलाकारो ने अपने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

कलाकारों की प्रस्तुति सराहनीय रही। विधायक रिंकू सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष लगने वाले इस मेले को सरकारी दर्जा दिलाने एवं यूपी-बिहार की सीमा बांसी को पर्यटन स्थल घोषित करने के लिए मांग उठाई जाएगी। बांसी मेले का विस्तार किया जाएगा। बाल्मीकिनगर के विधायक श्री सिंह द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें यूपी बिहार के अलावा मुंबई के आए कलाकारों द्वारा भोजपुरी गीतों से मेले में आए श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया गया। विधायक श्री सिंह ने कहा कि मैं प्रत्येक वर्ष बांसी मेले में श्रद्धालुओं का हाल जानने जरुर पहुंचता हूं। और बांसी मेले के विस्तार के लिए हमेशा लड़ाई लड़ता रहीबांसी मेले में आए श्रद्धालुओं का हाल जानने के लिए स्थानीय पीएचसी द्वारा बांसी चौक पर कैंप लगाकर मेले में आए श्रद्धालुओं का इलाज किया गया। वहीं डा.सहित एएनएम द्वारा मेले में घूमकर श्रद्धालुओं का हाल ऐतिहासिक बांसी मेले को लेकर स्थानीय पुलिस द्वारा विशेष चौकसी बरती गई। इस दौरान महिला पुलिस व पुरुष पुलिस को मेले में तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन के डर से शराब का सेवन करने वालों में भय का आलम रहा। मेले में आए लोग यूपी में पहुंचकर शराब का सेवन करने के बाद बिहार के सीमा पर पुलिस की तैनाती को देखकर सीमा पार करना मुनासिब नहीं समझे। धनहा थानाध्यक्ष पूरी रात पुलिस टीम के साथ मेले में गश्त लगाते रहे।

मुखिया संघ ने दिया धन्यवाद

बांसी मेले को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए मुखिया संघ पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया है। मुखिया संघ के अध्यक्ष,खोतहवा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि, बरवा मुखिया,मधुआ मुखिया प्रतिनिधि सहित अन्य मेले में सक्रिय रहे।

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Aditya Prakash Srivastva