पश्चिमी चम्पारण बिहार बेतिया राज्य सरोकार

बेतिया(प.चं.) :: आपसी प्रेम, भाईचारा, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भावना के साथ जिले में ईद-उल-फितर का मनाया गया पावन त्यौहार

News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

::- जिले के सभी क्वारंटाइन सेंटरों में व्यक्तियों ने नमाज अता करने के साथ एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। ::- जिला प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन कैम्पों में ईद के मौके पर सेवई, नाश्ता, भोजन आदि की विशेष व्यवस्था भी की गयी थी।

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/केके न्यूज 24, बेतिया(प.चं.), बिहार। जिले में ईद-उल-फित्र का पावन त्यौहार आपसी प्रेम, भाईचारा, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भावना के साथ दो गज की दूरी का पालन करते हुए मनाया गया। इस अवसर पर जिलेवासियों ने अपने घरों में ही नमाज अता की तथा एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। ईद के मौके पर जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी क्वारंटाइन कैम्पों पर नमाज अता करने, सेवई, नाश्ता, भोजन आदि की विशेष व्यवस्थाएं की गयी थी। क्वारंटाइन कैम्पों पर ईंद के मौके पर रोजेदारों ने नमाज अता की और एक-दूसरे को मुबारकबाद भी दी। जिले में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ की। साथ ही कोरोना महामारी से से बचाव हेतु भी ईश्वर से दुआ किए। क्वारंटाइन कैम्पों में गंगा-जमुनी तहजीब भी देखने को मिला और सबलोगों द्वारा एक साथ मिलकर ईंद का पावन त्यौहार खुशी-खुशी मनाया गया। क्वारंटाइन कैम्पों में रह रहे व्यक्तियों द्वारा दो गज की दूरी को भी बरकरार रखा गया। अहले सुबह नमाज अता के साथ सेवईयों से मुंह मीठा करते हुए बेहतर नाश्ता एवं खाना आदि का प्रबंध देखकर क्वारंटाइन कैम्प में रहने वाले व्यक्तियों ने खुशी का इजहार किया।

जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा पूर्व में ही सभी संबंधित बीडीओ, सीओ एवं क्वारंटाइन प्रभारियों को ईंद के मौके पर क्वारंटाइन कैम्पों में नमाज के साथ-साथ सेवई, नाश्ता, खाना, पेयजल आदि की विशेष व्यवस्थाएं करने हेतु निदेशित किया गया था। इसी के मद्देनजर सभी संबंधित पदाधिकारियों द्वारा क्वारंटाइन कैम्पों में पूरी व्यवस्थाएं सुदृढ़ कर ली गयी थी। जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों को ईद-उल-फित्र के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकानाएं दी गयी है। उन्होंने कोरोना संकट के बीच शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से ईंद का पावन त्यौहार सम्पन्न कराने के लिये जिला प्रशासन की पूरी टीम को भी ढ़ेर सारी मुबारकबाद दी है।

About the author

Aditya Prakash Srivastva