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बगहा(प.च.) :: लॉक डाउन में पहली बार बंद हुए मंदिर, पूजा व दर्शनों को तरसे श्रद्धालु

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विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/केके न्यूज24, बगहा(प.च.), बिहार(29 मई)। वैश्विक महामारी कोरोना संकट के चलते दो माह से बिहार के बगहा अनुमण्डल क्षेत्र अंतर्गत तमाम मंदिरों के पट बंद व दरवाजों पर ताले लगे होने से श्रद्धालु भक्त अपने भगवान के दर्शनों को तरस गए है। संकट की इस घडी में अपने भगवान के दर्शनों व उनकी कृपा पाने के लिए मंदिर तक आने वाले श्रद्धालु भक्त मंदिर के पट बंद और ताले लगे देखकर निराश होकर लौट जाते है।

हालांकि इन मंदिरों में सुबह शाम की पुजारी की ओर से की जाने वाली सेवा पूजा पट बंद करके ही मंदिर के अंदर ही अंदर सादगी के साथ की जा रही है। किन्तु इस आरती दर्शन के लिए भी श्रद्धालु भक्त तरस गए है।बगहा अनुमण्डल क्षेत्र के इंडो नेपाल बॉर्डर पर स्थित प्रमुख बाल्मीकि की तपो भूमि पर घने जंगलों के बीच आस्थाधाम नरमाई देवी मंदिर ,जटाशंकर मंदिर, बाल्मीकि आश्रम,तो वही यूपी बिहार बॉर्डर के अंतरगत मदनपुर माई स्थान के साथ बगहा प्रखण्ड एक के मलपुरवा में स्थित माँ सतचंडी स्थान के साथ साथ रामनगर प्रखंड के शिव मंदिर भी दो माह से बंद है।कोरोना संकट व लाॅकडाउन के चलते इस प्रमुख मंदिर के पट व ताले गत 21 मार्च से बंद है। बुज़ुर्गों ने बताया कि उनकी 90 वर्ष की आयु में इस तरह मंदिर बंद होते कभी नही देखे ना ही उन्होंने अपने बुजुर्गों से कभी इस तरह मंदिर बंद रखने के बारे में कभी सुना था। भारत सरकार के निर्देशानुसार गत 21 मार्च से इस मंदिर के पट व श्रद्धालुओं का मंदिर प्रवेश बंद है। कोरोना संकट के चलते इस बार वहां वार्षिक मेले का भी आयोजन नही हो सका है इन सभी मंदिरों पर जो भी भक्त श्रद्धालु लोग अपने सच्चे मन श्रद्धा से मन्नत मांगी जाए तो देवी व देवता उसे अवश्य पूरी करती है। विभागीय निर्देशानुसार समय आने पर ही खोले जा सकेंगे। इन सभी मंदिरों में नियमित पूजा सेवा का काम जारी है। किन्तु श्रद्धालुओं व दर्शनार्थीयों का प्रवेश बंद है।

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Aditya Prakash Srivastva