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बेतिया(प.च.) :: बिहार राज्य आशा संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किया धरना कार्यक्रम का आयोजन

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शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केसरी/केके न्यूज24, बेतिया(प.च.), बिहार(29 मई)। बिहार राज्य आशा संघ एतक, पश्चिम चंपारण की ओर से आशा के विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया गया। आशा कर्मी स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती है। संस्थागत प्रसव से लेकर टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान ,गृह भ्रमण के साथ- साथ इस कोरोना जंग में आशा काफी सक्रिय भूमिका निभा कर इस जंग को जितने के लिय आतुर रही। बिना किसी सुरक्षा कीट एवं सुविधा के भी आशा डोर टू डोर सर्वे कार्य को निर्धारित अवधि में पूरा कर अपने ईमानदारी एवं सेवा के प्रति समर्पण की भावना को समाज के समक्ष प्रस्तुत की, कई स्थानों पर आशा को सर्वे के दौरान अपमान भी झेलना पड़ा, लेकिन बिना बिचलित हुए आशा कर्मी, सर्वे के कार्य में लगी रही।

जिला के आशा कर्मी के डी सी एम् ने भी कोरोनावायरस जंग में आशा के कार्यों को सराहा करते हुए कहा कि इस विपदा की घड़ी में आशा कर्मियों के साथ इस तरह के दूरव्यवहार करना दुर्भाग्य पूर्ण है, आशा कर्मी इतना कठोर तपस्या के बाद भी आशा को न तो सरकार सम्मान दे रही है और न ही विभाग के अधिकारी ही, यही कारण है कि आशा के मेहनताना का पैसा भी विभाग भुगतान करने में आना कानी कर रहा है, अभी तक आशा के रुटीन वर्क का पैसा का भुगतान न होना कोरोनावायरस सर्वे के पैसे का अभी तक भुगतान न होना इसके जवलंत उदाहरण है। विहार सरकार भी एक हजार मानदेय देने की घोषणा की थी,वह भी आज तक शुरू नहीं हो सका है,यह कैसा न्याय है कि गर्मी, जाड़ा, बर्सात में मर- मर कर काम करने वाली आशा कर्मी के दुख- दर्द को कोई समझने को तैयार नहीं, इस लांक डाउन की स्थिति में भी आशा का भुगतान न होना गंभीर प्रश्न खड़ा कर रहा है, इस संबंध में ,कई बार जिला पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारियों से आशा कर्मियों के भुगतान हेतु कई बार अवगत कराने के बाद भी आशा के भुगतान के प्रति कोई संजीदगी नहीं दिखा रहा। आशा के भुगतान संबन्धित पत्र को पी एच सी के प्रभारी, लेखापाल, रददी की टोकरी में डाल दें रहे हैं। लांक डाउन में भी आशा का परिवार भूखमरी के कगार पर चला गया है। आखिर क्या कारण है कि एक ही पी एच सी में कुछ आशा का भुगतान हो जाता है और बाकी को छोड़ दिया जाता। विहार राज्य आशा संघ धरना के माध्यम से आशा के भुगतान की मांग करता है ,यदि इस आर्थिक संकट के घड़ी में भुगतान नहीं होता है तो आशा मरता क्या नहीं करता के तर्ज पर लांक डाउन का प्रवाह किये बिना आंदोलन के लिय वाध्य होगी । विहार राज्य आशाकर्मी संघ ने आशा के भुगतान संबन्धित प्रगति एवं भुगतान पंजी को पी एच सी वार कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके की आशा के भुगतान को कितनी गंभीरता से लिया गया है। धरना प्रदर्शन के मौके पर आशा संघ के संरक्षक सह प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष, ओमप्रकाश क्रान्ति, जिला नेत्री बेनू देवी, साधना देवी, नूर जहां खातून ,मंजूरी देवी , लाल चुनी देवी, सीमा देवी, सुभावती देवी, कुमुद देवी ,सुभाषिनी देवी, संजू देवी, परशुराम ठाकुर ,ध्रुव शास्त्री, शकीना खातून ,आदि की उपस्थित रही।

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Aditya Prakash Srivastva