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बेतिया(प.चं.) :: व्यावसायिक शिक्षा अनुदेशकों का प्रो रणजीत ने किया प्रोन्नति की मांग

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शहाबुद्दीन अहमद, कुशीनगर केेेसरी/केेेके न्यूज 24, बेतिया(प.चं.), बिहार(२७ जूून)। स्नातकोत्तर शिक्षक संघ, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के सचिव तथा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लोकप्रिय एवम संघर्षशील प्रत्याशी, प्रो रणजीत कुमार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ,आर के महाजन को ईमेल से पत्र भेजकर, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत +2 व्यावसायिक शिक्षा अनुदेशकों, एवम प्रयोगशाला प्रभारियों को अविलंब सावधिक प्रोन्नति का लाभ देने एवम वेतन विसंगति को दूर करने की माँग किया है।

प्रो कुमार ने अपनी मांग में कहा है कि बिहार में उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 1993 में छात्रों के बीच व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उन्हें हुनरमंद बनाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा अनुदेशकों एवम प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति की गई थी।संसाधनों की कमी तथा सरकार की उदासीनता की वजह से यह कार्यक्रम लोकप्रियता हासिल नहीं कर सका, लेकिन संबंधित शिक्षक पारंपरिक विषयों का अध्यापन कार्य करते रहे।शिक्षा विभाग ने कुछ साल पहले इस संवर्ग के शिक्षकों की सावधिक प्रोन्नति हेतु विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता संबंधी नियम लागू कर दिया,जो अनुदेशक विभागीय परीक्षा के दोनों पत्रों में उत्तीर्ण हो गए तो इन लोगों को प्रोन्नति का लाभ मिल गया। शेष अनुदेशकों की प्रोन्नति रोक दी गई, बाद में कुछ अनुदेशकों ने सरकार के परीक्षा उत्तीर्ण करने संबंधी सरकारी आदेश को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दिया, जिसमें छः माह पहले ही न्यायालय ने आदेश दिया कि उम्र के इस पड़ाव पर परीक्षा उत्तीर्ण करने संबंधी आदेश सही नहीं है।न्यायालय के उक्त आदेश के वाबजूद प्रोन्नति से वंचित अनुदेशकों को आज तक प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है।

विदित हो कि नियमित माध्यमिक शिक्षकों को जो सावधिक प्रोन्नति मिली है, उसमे परीक्षा उत्तीर्ण करने जैसा कोई नियम नहीं है तो फिर इस संवर्ग के शिक्षकों का अलग से आज तक कोई सेवाशर्त भी नहीं बना है।बेहतर होता कि नियमित माध्यमिक शिक्षकों की सेवाशर्त से ही इन्हें भी आच्छादित कर दिया जाता।उक्त संवर्ग के शिक्षकों को 4800/- ग्रेड पे मिलना चाहिए था, लेकिन इन्हें 4200/–ग्रेड पे की श्रेणी में रखा गया है। इससे इस संवर्ग के शिक्षकों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यावसायिक शिक्षा अनुदेशकों को न्यायिक निर्णय के आलोक में अविलंब प्रोन्नति सुनिश्चित करते हुए वेतन विसंगति दूर किया जाए।

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Aditya Prakash Srivastva

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