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मिर्जापुर :: किसी भी परेशानी से मुक्ति कब होगी ?

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अन्नपूर्णा श्रीवास्तव, कुशीनगर केेेसरी/केेेके न्यूज 24,मिर्जापुर(१३ जुलाई)। कोई भी किसी भी तरह की परेशानी जीवन मे तब ही आती है।जब वर्तमान में चलने वाली महादशा या अंतरदशा का समय ठीक न हो, साथ ही परेशानी उस ओर से ही होती है जिस भी भाव मे दशा जिस ग्रह की होगी उसकी चल रही होगी। कुल मिलाकर जीवन मे परेशानी तब ही होती हैं जब महादशा अंतरदशा या इन दोनों का समयकाल अच्छा न हो, साथ ही जिस भाव में ग्रहदशा नाथ ग्रह बैठा है उससे उस भाव संबधित और ग्रह आदि से परेशानी रहेगी इसका समाधान तब ही होगा जब ग्रह दशाओ को उपायों से ठीक करा जायेगा या अनुकुल ग्रहो की दशा चलेगी।

अब उदाहरणों से समझते है क्या परेशानी रहेगी और किस ग्रह से और क्या समाधान कब होगा? उदाहरण_अनुसार 1:- जैसे किसी जातक को व्यवसाय में परेशानी नही होती थी, लेकिन अचानक हो रही है, तब यहाँ एक तो ग्रहो की दशा परिवर्तन होता है जो दिक्क्क्त देता है। जैसे, मेष :: लग्न कुंडली हो, अब यहाँ दसवे भाव व्यवसाय अधिपति शनि और धन स्वामी और आय स्वामी शनि की स्थिति बहुत अच्छी है जिस कारण सफलता आर्थिक और रोजगार के लिए अच्छी है और अच्छी मिलती आ रही थी लेकिन अचानक ऐसे ग्रहो की दशा आ गई जो दिक्क्क्त कर करने लगती है जैसे यहाँ व्यवसायिक और आर्थिक संबंधी ग्रहोकी स्थिति ठीक है लेकिन ऐसे ग्रहः की दशाएं चालू हो गई है जो कमजोर और अशुभ स्थित्ति में है यह अब अच्छी और मजबूत व्यवसायिक और आर्थिक स्थिति कमजोर करेंगे क्योंकि समयकाल ग्रहो का ठीक नही है।अब कैसे परेशानी से मुक्ति मिलेगी और कब तक? इस विषय पर बात करते है। उदाहरण 2 :- अब यहाँ ऐसे ग्रह की दशा चल रही हो जो जीवन मे समस्या दे रहा है यह समस्या तब तक रहेंगी जब तक उस ग्रहः की दशा समय रहेगा और अनुकूल समय शुभ न आ जाये।। जैसे किसी जातक या जातिका की सिंह लग्न की पत्रिका हो, अब यहाँ व्यवसायिक ग्रहो की स्थिति ठीक है लेकिन माना लग्नेश सूर्य की या किसी भी ग्रहः की दशा चल रही हो और वह पीड़ित होगा या कमजोर अशुभ तब दिक्क्क्त करेगा। जब तक उस ग्रहः का उपचार न हो या दशा खत्म न हो जाये। अब जैसी ही दशा उस अशुभ ग्रह की खत्म होगी और अगली दशा शुभ होगी तब परेशानियो से मुक्ति मिलेगी अगली दशा भी शुभ होगी तब ही परेशानी से मुक्ति मिलेगी वरना दिक्क्क्त रहेगी ऐसे में उपाय करना परेशानियों से मुक्ति देगा। इस तरह परेशानियों का समाधान ग्रहो के पास ही होता है चाहे वह शादी की हो, शादी होने में हो, बच्चों की हो, आर्थिक हो या नोकरी ,व्यवसायिक आदि अन्य कोई भी समस्या हो।अनुकुल ग्रह दशाओ का समय जातक के लिए निश्चित शुभ समयकाल आना होता है और होता है। प्रस्तुति अखिलेश अग्रहरी ज्योतिषचार्य के द्वारा यह लेख वैदिक फलित ज्योतिष के किताबों के माध्यम से लिया गया है।

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Aditya Prakash Srivastva