पश्चिमी चम्पारण

बिहारःसरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे विद्यालय के प्रधानाध्यापक,विभाग नहीं कर रहा कोई कार्यवाही

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बिहार।राज्य के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को प्रतिदिन मेन्यू के अनुसार पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण भोजन देने हेतू विद्यालय में कुल उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या जानने हेतू विभाग द्वारा सुबह लगभग 11 बजे एवं शाम 04 बजे प्रधानाध्यापक एवं एक अन्य सहायक के पास फोन आती है जिसे नजरंदाज कर संख्या नहीं बताया जाता जो सिस्टम में सम्भावित मिलीभगत व अनियमितता की ओर इंगित करता है। सुबह में छात्रों की संख्या नहीं बता कर, छात्र संख्या एवं अन्य पारदर्शिता को प्रभावित किया जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि ऐसे लोगों पर विभाग अनुशासनात्मक कर्रवाई भी नहीं करता है।

बताते चले कि सरकार द्वारा बच्चों में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ाने को लेकर विद्यालयों में गरमा गरम भोजन की व्यवस्था की गई जिससे बच्चे विद्यालय पहुंच सके और शिक्षा को ग्रहण कर सके जिससे हमारा समाज शिक्षित हो सके ,लेकिन सरकार द्वारा चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना पर उनके ही चहेते मंसूबों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। यह गड़बड़झाला यूं ही नहीं किया जा रहा है इसमें बैठे जिम्मेदारों को अच्छी खासी कमाई भी हो जा रही है। जानकार बताते हैं कि विद्यालयों में ऑनलाइन सुविधा दी गई है कि स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या पूछी जाती है जिसे मोबाइल सेट के जरिए नोट कराना होता है और उसी के अनुसार मीनू का के धन आवंटन होता है ,लेकिन इस योजना पर पलीता लगाने वाले अध्यापक बच्चों की संख्या नहीं बताते हैं ।न ही इसकी सही जानकारी इस व्यवस्था से सरकार को मिल पा रही है। जिससे यह व्यवस्था पूरी तरह से बिहार में धाराशाही होती नजर आ रही है।

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Aditya Prakash Srivastva