उत्तर प्रदेश राज्य सोनभद्र

सोनभद्र :: विकास प्राधिकरण के नाम पर अबला महिला को किया जा रहा है तबाह व परेशान

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आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव/अवधेश शुक्ला, कुशीनगर केसरी/केके न्यूज24, रेनुकूट, सोनभद्र(१२ सितंबर)। कुछ वर्षों पूर्व पति व ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आ कर अपने बेटे केे साथ मायके में रह रही पीड़िता को पिता ने जमीन दे दिया और किसी तरह मेहनत करके पीड़िता ने अपना घर बनवाना शुरू किया लेकिन कुछ लोगों से वो भी नहीं देखा गया और परेशान करने के लिए पहले तो झगड़ा करना शुरू कर दिया। उसके बाद प्रशासन से मिल कर तबाह करना शुरू कर दिया।

बता दें कि लगभग वर्षों पूर्व बने मकान को एडीएम सोनभद्र द्वारा विकास प्राधिकरण के नाम पर पुनः किसी प्रभाव में आकर अबला महिला को तबाह व परेशान किया जा रहा है। वहीं पीड़िता सुनीता ने बातचित के दौरान बताया कि कुछ वर्ष पहले जब उसने अपने पिता के जमीन पर अपना मकान बनवाया तब भी पड़ोसियों द्वारा बिवाद उत्पन्न किया जा रहा था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि प्रमोद गिरी द्वारा मुझे बार-बार परेशान व तबाह करने के लिए एक मुकदमा दायर किया गया है कि मेरा मकान अवैध है। आगे पीड़िता ने बताया कि मेरे पिता ने घर का पानी निकलने के लिए दुकान के नीचे से एक नाली बनवाया था लेकिन कुछ वर्षों पूर्व लोगों ने जबरन मेरे घर की नाली में मेन नाले को जुड़वा दिया। सुनीता ने आरोप लगाया कि प्रमोद गिरी ने जब मेरा मकान बन रहा था तो झूठा अफवाह फैलाया की ये नाली को जाम कर रही है तो पूरा प्रशासन नगर पालिका अध्यक्ष सहित आकर के निरीक्षण किया और मौके पर आरोप गलत पाया। अधिकारियों व नपा अध्यक्ष ने कहा कि अन्दर की नाली की सफाई तुम करना और बाहर वाले बाहर के नाले की सफाई कर लेंगे और वह बात वहीं खत्म हो गई लेकिन उससे खार खाते हुए पुन: प्रमोद गिरी ने अधिकारी को धोखा देने के लिए शिकायत कर दिया कि अधिकारी पैसा लेकर के इस मकान को बनवाएं हैं जबकि यह आरोप सरासर गलत है। वहीं एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि अवैध रूप से बना रही हो मकान। वह जमीन हिंडाल्को की है तो पीड़िता ने बताया कि यह जमीन रोडवेज की है और हिंडाल्को ने अपनी सारी जमीन पर बाऊंड्री चला रखी है। इस पर एडीएम ने खार खाते हुए पीड़िता को पढाई करने की नसीहत दे डाला। वहीं पीड़िता सुनीता ने संवाददाता को बताया कि अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूंगी। आगे सुनीता ने बताया कि जब हिंडाल्को को जरूरत थी तब हम दुकानदार ठीक व वैध थे और आज हम अवैध हो गए।

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Aditya Prakash Srivastva

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