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बेतिया(प.चं.) :: नगर परिषद बेतिया के समस्त सफाई कर्मचारियों का तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार

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विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/केके न्यूज24, बिहार। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ और कचरा संग्रहण महिला श्रमिक संघ, शाखा नगर परिषद बेतिया के संयुक्त बैनर तले स्थानीय जगजीवन नगर से नगर परिषद सफाई कर्मचारियों का एक मौन जुलूस शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए टाउन हॉल,बाटा चौक, लाल बाजार चौक, तीन लालटेन, जनता सिनेमा चौक, मुहर्रम चौक से होते हुए नगर परिषद मुख्य द्वार पहुँचा।

नगर परिषद के प्रांगण में बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष जुगनू कुमार और कचरा संग्रहण महिला श्रमिक संघ के अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला देवी ने कहा कि नगर परिषद सफाई कर्मचारियों के साथ जातिगत भेदभाव नगर परिषद के आला-अधिकारी अपना रहे हैं। नगर परिषद प्रशासन द्वारा विगत 15-20 वर्षों से कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों से लेकर स्थाई कर्मचारियों को भी 50 वर्ष की उम्र का हवाला देकर नौकरी से हटा देने के लिए दुष्चक्र चाल चलाया जा रहा है। जिसके कारण नगर परिषद कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन के पद पर खड़ा होने के लिए मजबूर हो चुके हैं। नेता द्वय ने कहा कि यदि नगर परिषद प्रशासन हमारी 11 सूत्री मांगों को अनदेखी कर रही है तो हमारा आंदोलन अनिश्चित काल के लिए हड़ताल में तब्दील हो जाएगा। वहीं पर उपस्थित बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के जिला संयोजक सह ऐक्टू के जिला नेता कॉमरेड रवीन्द्र कुमार रवि ने कहा कि 11 सूत्री मांग सफाई कर्मचारी नगर परिषद बेतिया के जायज है। इस मांग को नगर परिषद प्रशासन जल्द से जल्द पूरा करें और उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के सभी विभाग के संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मी के सेवा- नियमितीकरण करने हेतु उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा को बिहार मंत्रिमंडल द्वारा की गई स्वीकृति माननीय मुख्यमंत्री बिहार द्वारा पटना के गांधी मैदान में 15 अगस्त 2018 को की गई घोषणा सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प 12534 दिनांक 17 सितंबर 2018 एवं बिहार गजट में प्रकाशन के बावजूद अधिकांश विभागों द्वारा सेवा नियमितीकरण का प्रदत सही लाभ अभी तक नहीं दिए जाने के कारण कर्मी शोषित एवं प्रताड़ित हो रहे हैं। श्री रवि ने कहा कि बेतिया नगर परिषद में कार्यरत डोर टू डोर कचरा संग्रहण महिला श्रमिकों को बकाया 3 माह का वेतन मान भुगतान किया जाए। नगर परिषद बेतिया से आउटसोर्स की प्रथा खत्म किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसला अनुसार दैनिक कर्मचारियों का लगातार 240 दिनों तक लिए गए कार्य के आधार पर स्थाई बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ किया जाए। स्थाई कर्मचारियों को पंचम एवं षष्टम वेतनमान लागू किया जाए तथा बिहार के मुखिया नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समस्त सरकारी कर्मचारियों को 50 वर्षों में ही जबरन सेवानिवृत्ति करने वाला अध्यादेश को शीघ्र रद्द किया जाए।पूर्व के समझौता अनुसार प्रतिवर्ष मानदेय में 22% की बढ़ोतरी का लाभ संविदा/अनुबंध कर्मियों के लिए अविलम्ब समायोजन किया जाए।सेवानिवृत्त कर्मियों को पंचम एवं षष्टम वेतनमान के नियमानुसार समुचित लाभ देते हुए उनके पेंशन की गारंटी किया जाए। उक्त मांगों को जायज ठहराते हुए ऐक्टू नेता कॉमरेड रवि ने नगर परिषद प्रशासन और बिहार सरकार से अविलंब उनकी मांगों की पूर्ति के लिए अपील किया।श्री रवि ने कहा कि नगर परिषद बेतिया के समुचित 11 सूत्री मांगों को यदि नगर परिषद प्रशासन और सरकार अनदेखी करती है तो उनकी समस्याओं को आम जनता के बीच ले जाया जाएगा। सभा को कैलाश राऊत, अमर कुमार, निक्की देवी,आयशा खातून, सावरा खातून,प्रमिला देवी,सुनै जयना देवी,प्रकाश पासवान,जुगनू कुमार आदि नेतागण ने भी संबोधित किया।

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Aditya Prakash Srivastva

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