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पटना :: चंद दिनों में बने शिक्षा मंत्री ने तो इस्तीफा दे दिया, क्या 420 तेजस्वी यादव रिजाइन करेंगे ?’ मेवालाल के मुद्दे पर जेडीयू ने आरजेडी पर साधा निशाना

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विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/केके न्यूज24, बिहार(१९ नवंबर)। विवादों में घिरे शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने विभाग का कार्यभार संभाला और महज ढाई घंटे के बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसको लेकर जेडीयू और आरजेडी में ट्विटर वार छिड़ गया है। जेडीयू नेता अजय आलोक और नीरज कुमार ने ट्वीट कर लालू एंड फैमिली पर जबरदस्त हमला बोला। जिसके जवाब में तेजस्वी की ओर से भी ट्वीट कर कटाक्ष किया है।

जेडीयू नेता अजय आलोक ने ट्वीट कर लिखा कि “हमारे शिक्षा मंत्री ने तो इस्तीफ़ा दे दिया , शुचिता के उच्च मापदंड का पालन हमने किया लेकिन क्या अब @yadavtejashwi भी अनुसरण करेंगे ? इस्तीफ़ा देंगे ?? राबड़ी जी पे भी आरोप हैं , इस्तीफ़ा दे दे”। वहीं पूर्व मंत्री व जेडीयू के नवनिर्वाचित विधानपार्षद नीरज कुमार ने अपने ही शैली में लालू परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि “पता नहीं कैदी नंबर 3351 की आत्मा कचोटती है या नहीं खुद तो 420 में सजायाफ्ता हैं ही पुत्र भी 420 का आरोपी है। उसपर तुर्रा यह कि विधायक दल का नेता बना बैठा है इन्हें तो माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar जी से सीख लेकर अविलंब दागी पुत्र को विधायक दल के नेता पद से पदच्युत करना चाहिए।

उधर जेडीयू के आरोप पर तेजस्वी ने भी ट्वीट कर हमला बोला है. उऩ्होंने लिखा कि ” मा. मुख्यमंत्री जी, जनादेश के माध्यम से बिहार ने हमें एक आदेश दिया है कि आपकी भ्रष्ट नीति, नीयत और नियम के खिलाफ आपको आगाह करते रहें. महज एक इस्तीफे से बात नहीं बनेगी. अभी तो 19 लाख नौकरी,संविदा और समान काम-समान वेतन जैसे अनेकों जन सरोकार के मुद्दों पर मिलेंगे. जय बिहार,जय हिन्द”। “मैंने कहा था ना आप थक चुके है इसलिए आपकी सोचने-समझने की शक्ति क्षीण हो चुकी है। जानबूझकर भ्रष्टाचारी को मंत्री बनाया थू-थू के बावजूद पदभार ग्रहण कराया घंटे बाद इस्तीफ़े का नाटक रचाया। असली गुनाहगार आप है। आपने मंत्री क्यों बनाया??आपका दोहरापन और नौटंकी अब चलने नहीं दी जाएगी?”

बता दें कि बिते दिन 1 बजे शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने पदभार संभाला था और करीब साढ़े तीन बजे अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपने आप को बेकसूर बताया और तमाम आरोपों को दरकिनार करने की भरपूर कोशिस किया।

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Aditya Prakash Srivastva