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पुर्णिया :: अपनी गायिकी से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने का पल्लवी ने किया सराहनीय प्रयास

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::– प्रसिद्ध गायिका पल्लवी ने गीत संगीत के माध्यम से वैश्विक महामारी के प्रति लोगों को किया जागरूक ::– कई प्रतिष्ठित संगीत अवार्ड के साथ पल्लवी अपनी गायिकी के लिये राज्यपाल के हाथों हो चुकी हैं सम्मानित।

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/केके न्यूज24, बिहार(२७ नवंबर)। “हो मीत बहुत खास तो भी फासला रखें, है वक्त की पुकार यही सिलसिला रखें”. ये बोल हैं उस गीत के जिसे जिले की प्रसिद्ध गायिका पल्लवी जोशी ने अपने स्वरों में पिरोया है. वैश्विक महामारी के दौरान जब पूरा देश अपने घरों में कैद रहने के लिये मजबूर था। महामारी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के उपायों के प्रति जब सरकार व प्रशासन अपने स्तर से हर संभव प्रयास में जुटी थी। उस मुश्किल दौर में पल्लवी ने लोगों को जागरूक करने के लिये अपने संगीत का सहारा लिया। उन्होंने खुद इसके लिये गीत लिखें. फिर उसे अपनी आवाज देते हुए इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिये विभिन्न सोशल साइट का सहारा लिया. पल्लवी के गाये गीत बेहद चर्चित रहे। इतना ही नहीं आम लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक करने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए. सोशल साइट पर उनके पोस्ट को मिले लाइक, कंमेंट और व्यू से ये बात बखूबी जाहिर होता है।

जिले के रानीगंज प्रखंड निवासी पल्लवी जोशी गायिकी की दुनिया का एक चर्चित नाम है. पटना यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान पल्लवी राज्य के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित हो चुकी हैं. इसके अलावा एशियन एक्सीलेंस अवार्ड सहित अन्य कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से वे सम्मानित हो चुकी हैं. राज्य के पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में वह लगातार शिरकत करती रहीं हैं. वर्ष 2018 से अब तक जिले में संपन्न विभिन्न चुनावों में स्वीप अभियान के तहत संचालित मतदाता जागरूक अभियान में पल्लवी जिला आइकन की भूमिका निभाती आ रही है. वैश्विक महामारी के दौर में पल्लवी ने अपने संगीत के माध्यम से लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठाया. बेवजह घर से बाहर निकलने की जरूरत क्या है, मौत से आंख मिलाने की जरूरत क्या है. जीत लेंगे हम कोरोना से जंग देशवासी अगर साथ हों- ऐसे न जाने कई गानें उन्होंने इस दौर में गायें जो बेहद चर्चित रहे. इतना ही नहीं महामारी के दौरान पुलिस व चिकित्सा कर्मियों के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने जगह-जगह इनके साथ हो रहे बदसलूकी के मामलों पर अपना मजबूत विरोध दर्ज कराया।

पल्लवी बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें गायिकी का शौक रहा है. उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय अररिया से पूरी की. पटना यूनिवर्सिटी से संगीत संकाय में पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान वह यूनिवर्सिटी टॉपर रही. इसके लिये उन्हें तत्कालीन राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया गया. उन्होंने कहा कि वह पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमो में भाग ले चुकी हैं. प्रशासनिक तौर पर आयोजित कार्यक्रम में लगातार भाग लेती रहीं हैं. लोकगीत व भजन पर आधारित उन्होंने कई एल्बम में काम किया है. प्रसिद्ध म्यूजिक कंपनी टी सीरिज के लिये भी उन्हें गाने का मौका मिल चुका है. पल्लवी ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में मास्क के उपयोग, सोशल डिस्टैंस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये उन्होंने घर बैठे में कई गानें गायें. जो काफी चर्चित व कारगर साबित हुए।
पल्लवी बताती हैं कि लोगों में कोरोना का डर खत्म हो रहा है. जो बेहद चिंतनीय है. लोगों को इस महामारी की भयावहता को समझना होगा. लोगों को महामारी से खुद के व दूसरे के बचावों के बारे में जागरूक होना होगा. लोगों को चाहिये कि वह कम से कम अपने घरों से बाहर निकलें. बहुत जरूरी होने पर अगर घर से बाहर निकलना पड़ रहा है तो निश्चित रूप से मास्क का उपयोग करें. आपसी मेलजोल के वक्त शारीरिक दूरी का ध्यान रखना जरूरी है. मास्क से संक्रमण का खतरा बहुत कम हो जाता है. सामूहिक प्रयास से ही इस वैश्विक महामारी को मात दिया जा सकता है. इसके लिये हम सब को ईमानदार प्रयास करने की जरूरत है।

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Aditya Prakash Srivastva