उत्तर प्रदेश मिर्जापुर राज्य

मिर्जापुर :: दो वर्ष सात महीने 26 दिन तक चले राम चरित मानस का पाठ के इस कार्यक्रम और भक्ति की वजह से पहला जिला बना मिर्जापुर

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अन्नपूर्णा श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, मिर्जापुर(२३ फरवरी)। मिर्जापुर उत्तर प्रदेश ग्राम तिलठी में हुआ भब्य राम चरित मानस का पाठ जो उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा दिन चलने वाला पाठ रहा। दो वर्ष सात महीने 26 दिन तक चले इस कार्यक्रम और भक्ति की वजह से पहला जिला बन चुका है मिर्जापुर।
सीता राम चरण अति मोरे। अनुदिन बढ़ऊ अनुग्रह तोरे।।
इस राम चरित मानस के शाक्षी बने मनोज श्रीवास्तव भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य जिन्होंने हवन यज्ञ में हिस्सा लिया भगवान श्रीराम के जयकारे के साथ मनोज श्रीवास्तव ने कहा पूरे उत्तर प्रदेश का सबसे विशाल और लंबे समय तक चलने वाला रामचरित मानस का पाठ रहा है।

श्री श्रीवास्तव ने कहा इस आयोजन को करने वालो की दिल से जितनी सराहना की जाए कम है विश्व मे इस जगह का नाम होगा आने वाले समय मे। इस जगह का नाम नीलकंठ आश्रम है जो छोटी कुटी के नाम से भी जाना जाता है मिर्जापुर के कोन ब्लॉक में पड़ता है दूर दूर से भक्तों का तांता देखने को मिला इस कार्यक्रम में मनोज श्रीवास्तव के साथ अखिलेश अग्रहरि, महेश तिवारी, रविशंकर साहू ,मनोज दमकल, सतीश उपाध्याय , सन्तोष सुक्ला, राजमोहन मिश्रा , और भी अन्य लोग इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराया।

भगवान राम के इस पावन बेला में श्रीराम चरित मानस की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने की थी जिसमे श्रीराम के चरित्र का वर्णन करतें हुए श्रीराम के बखान को श्री तुलसीदास जी ने अपने शब्दों में लिखा था जिसको लिखने में दो वर्ष सात महीने 26 दिन लग गया था। भगवान राम के बाल्यकाल और लंका दहन से लेकर अयोध्या लौटने तक का वर्णन किया गया है। रामचरित मानस में सुन्दर कांड, लंका दहन और उत्तर कांड शामिल हैं। रामचरित मानस ग्रन्थ में 27 शोक,4608 चौपाई,1074 दोहे,207 सोरठा और 46 छन्द हैं। एक अखण्ड पाठ में 24 से 30 घण्टे लगतें हैं। श्रीराम भक्तो ने इस पाठ को दो वर्ष 7 महीने 26 दिन में पूर्ण किया। जिसका आरम्भ 25 जून 2018 को हुआ था जिसका समापन 20 फरवरी 2021 को किया गया जिसमें लगभग 15 ग्राम के लोगो ने दर्शन पूजन किया जिसमें लोगो ने बढ़चढ़ कर सहयोग और अपना योगदान दिया। श्री श्रीवास्तव ने 51 लोगो को अंग वस्त्र भेंट कर लोगो का आभार प्रकट किया और लोगो से सराहना करतें हुए लोगो से आग्रह किया 10 रुपये से लेकर जिसकी जितनी श्रध्दा हो राम मंदिर बनने में सहयोग करें सनातन धर्म की यही पहचान है और भगवान राम का भब्य मंदिर निर्माण भारत की पहचान है।

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Aditya Prakash Srivastva