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कानपुर : यहां ना हीं बनता मिड डे मील का भोजन, ना हीं बांटे जाते फल, विद्यालय के कमरों में बांधे जाते हैंं जानवर

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(०८ जनवरी, मंगलवार)

सुआलाल यादव, केके न्यूज24/कुशीनगर केसरी कानपुर/फर्रुखाबाद। जिले के धनी नगला ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय राजिपुर में बच्चों की पढ़ने की जगह जानवरों को बांधने का मामला प्रकाश में आया है जिसको शिक्षामित्र का शिकायत के बाद भी एनपीआरसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और केवल एक कोरम पूर्ति करने के नाते शिक्षा मित्र से जानकारी हासिल की। वहीं उस विद्यालय में ना कभी मिड डे मील का भोजन बनता है और ना हीं शासन द्वारा तय किया गया फल वितरण किया जाता है अब ऐसे माहौल में बच्चे पढ़ेंगे या जानवर पढे़ंगे।

बता दें कि प्राथमिक विद्यालय धनी नगला ब्लाक राजेपुर का है जहां पर एनपीआरसी पद पर तैनात प्रधानाध्यापक फूलचंद्र अपनी दबंगई के चलते नहीं बनवाते विद्यालय में खाना और नहीं बांटते फल और विद्यालय के कमरे में बांधे जाते हैं जानवर विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या तो 73 है लेकिन विद्यालय में एक भी बच्चा नहीं और बच्चों के स्कूल बैग 25 रखे हुए थे बच्चों के बारे में पूछा गया तो शिक्षामित्र पंचम सिंह ने बताया कि बच्चे अपने-अपने घर खाना खाने गए हैं फिर हेड मास्टर एनपीआरसी फूल चंद्र के बारे में पूछा गया तो पता चला कि वे बहुत कम आते हैं।

जबकि सरकार की मंशा के अनुरूप बच्चों को विद्यालय में भोजन मिलना ही चाहिए लेकिन शिक्षा मित्र ने भी राशन ना होने का रोना रोकर पल्ला झाड़ लिया और प्रभारी

प्रधानाचार्य एनपीआरसी को तो इस विद्यालय से कुछ लेना ही देना नहीं है अब इसमें बच्चों की क्या गलती है उनके भविष्य के साथ यह हेडमास्टर क्यों खिलवाड़ कर रहा है।

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Aditya Prakash Srivastva