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बगहा(प.च.) : प्रखंड बगहा-२ की प्रमुख खबरें

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राजेश पाण्डेय, kknews24/कुशीनगर केसरी बगहा (११जनवरी, शुक्रवार) की रिपोर्ट……..

बढ़ता हुआ प्रदूषण ख़तरे की घंटी नही चेते तो होगी परेशानी

वाल्मीकिनगर : बगहा पुलिस जिला से सटे बगहा में तिरुपति सुगर मिल से निकलने वाले धुँआ से नगर वासियों को काफी कठिनाई का सामना करने के साथ ही घुटन महसूस करते है नगर वासियों के साथ ही बगहा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी प्रदूषण से काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण बगहा के लोगों सांस लेने में काफ़ी परेशानी हो रहा है। बगहा में चीनी मिल से निकले हुए धुंए के साथ ही हवा जहरीली हो जाने के साथ ही आम जनता को आवागमन में बाधित होने के साथ ऐसी दशा रहा तो आनेवाले दिनों में स्थिति और खराब हो जायेगा। सरकार दावा करती है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए मुहिम चलाया जा रहा है लेकिन इसका असर नहीं दिखाई दे रहा है और हर साल प्रदूषण को खत्म करने का दावा किया जाता है।

लोगों के द्वारा भी प्रदूषण के प्रति अपनी भूमिका को भूल गये है तभी तो लोग साधनों का अधिक से अधिक प्रयोग कर रहे है और गन्ने के मिल से निकलने वाला प्रदूषण और कचरे को इकट्ठा करते हुए रोड़ पर निकाल कर फेंक देते है। चीनी मिल के मुख्य मार्ग पर रोजाना सुबह-शाम हजारों लोगों का आना-जाना लगा हुआ है लेकिन किसी भी आम जनता को जानने का हक़ के साथ अधिकार भी है कि तिरुपति सुगर मिल से निकलने वाले धुंए के साथ ही रोड़ स्थित फेंके गए कजरा के बारे में और हैरानी की बात ये है कि इस मार्ग से भी आला अधिकारियों का आवागमन भी है परंतु किसी को पूछने की हिम्मत नहीं है। वह दिन दूर नहीं है जब फैले हुए प्रदूषण से क्या-क्या परेशानी का सामना करते हुए विभिन्न बीमारियों का सामना करना पड़ेगा आम लोगों को।

कड़ाके की ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त

वाल्मीकिनगर : गांव-मोहल्ले में अपनी गरीबी रेखा से जूझते हुए आये दिन-शाम ढलते ही ठंड से लोगों का हांड़ कापना शुरु हो जा रहा है। लोग अपने घरों में दुबक जा रहे हैं लेकिन कई बेसहारा लोग खुले आसमान में सो कर अपनी रात काटने को विवश हैं इस कड़ाके की ठंड में। इस हांड़ कंपाने वाली सर्दी में शाम ढलते ही लोग अपने घरों की ओर लौटने लगते हैं। मगर कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें सर छिपाने के लिए छत नहीं हैं। ऐसे ही लाचार लोग पंचायत के ग्रामीण लोगों जो इस कंपकंपाती ठंड के बावजूद खुले में सोने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन के द्वारा कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।

हर साल जिला प्रशासन चौक-चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करता है मगर इस बार वो भी नदारद दिखाई पड़ रहे है। इस कड़ाके के ठंड में गरीबी रेखा से नीचे स्तर के लोगों के परेशानी को समझने की कोशिश नही करते हुए जो आज भी खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर होने के साथ ही सुख-सुविधा नहीं रहने के कारण अपने घरों में एक पुराना कम्बल के सहारे ही इस ठंडी हवाओं के साथ जीवन-यापन अपने परिवार के साथ इस ठंडी हवाओं के साथ ही पतले से कंबल में जैसे-तैसे रात काटने को गरीब कोशिश मजबूर हैं।

बंदर का आतंक, घर में घुस कर मुर्गी के बच्चों को मार डाला

वाल्मीकिनगर : वाल्मीकि टाईगर रिजर्व से सटे क्षेत्र गोल-चौक निवासी मनोज पटवा बाल्मीकिनगर में जीवन-यापन करने के लिए मुर्गी पालन घर में एक आतंकी बंदर के द्वारा मुर्गा-पालन घर में लगभग -12 बच्चों को मार डाला है।
बाल्मीकि टाईगर रिजर्व के घने जंगलों से निकल कर आये-दिन कभी घरों में घुस कर आतंक करने के साथ राहगीरों पर हमला किया जाता है। इस बंदर के रवैया से स्थानीय लोगों में भय बना हुआ है।

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Aditya Prakash Srivastva