उत्तर प्रदेश कुशीनगर क्राइम राज्य

कुशीनगर : अधिकारी मस्त, शासन पस्त

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डेस्क, kknews24/कुशीनगर केसरी कुशीनगर। शासन द्वारा गरीबों के न्याय के लिए बहुत सारे नियम और कानून बनायें जाते है लेकिन बाहुबली एवं अधिकारी दोनों के सांठगांठ से गरीबों के लिए बनायी गयी नियम एवं कानून की धज्जियांं उड़ा दिया जाता है।
बतातें चलें कि पड़रौना नगर का एक पीड़ित अपनी जमीन के न्याय के लिए सिविल कोर्ट में वाद दाखील किय है। मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है, इसके बावजूद हैरान करने वाला विषय तब खड़ा हो गया जब भू:माफिया ने एसडीएम कोर्ट में जब्ती के लिए एक वाद दाखिल कर दिया और बहस के दौरान उसे सुरक्षित रख लिया गया। फैसला जो भी हो लेकिन प्रश्न यह उठता है कि जब सिविल कोर्ट में मामला चल रहा है तो एसडीएम को कागजात को सरसरी निगाह से देखते हुए वाद दखिल करने वाले व्यक्ति को यह बताना उचित होता कि यह मामला सिविल कोर्ट में है। यह भी बताना उचित होता कि मेरे कोर्ट में वाद दखिल करना अवैध है। खैर एसडीएम कोर्ट क्या फैसला देता है? पीड़ित को उसका भी इन्तजार है। अगर बाहुबली के पक्ष में फैसला देते है तो कहींं न कहींं दाल में काला है। पीड़ित को फैसले का इन्तजार है और पीड़ित लिए आगे का दरवाजा खुला है। जब संबाददाता ने उपरोक्त माामले के बारे में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय से जानकारी प्राप्त किया तो अधिवक्ता उपाध्याय ने स्पष्ट तौर पर कहा अगर सिविल कोर्ट में मामला है तो एसडीएम कोर्ट में जाना अवैध है।

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Aditya Prakash Srivastva