उत्तर प्रदेश कुशीनगर राजनीति

कुशीनगर : चुनाव आयोग का सोशल मीडिया पर विशेष नजर,एक्पर्ट तैनात

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सुनील कुमार तिवारी कुशीनगर केसरी/kknews24
कुशीनगर(१२ मार्च)। सोशल मीडिया पर भी चुनाव आयोग ने शिकंजा कस दिया है। वाट्सएप,फेसबुक और ट्विटर हैंडिल पर चुनाव प्रसार करना चुनावी व्यय मीटर में शामिल होगा। मतलब प्रत्याशी और उसके समर्थक प्रचार के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेंगे तो उसे प्रचार व्यय निर्धारित करते हुए प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा। सोशल मीडिया पर निगरानी को एमसीसी (माडल कोड कंडक्ट) कमेटी गठित कर दी गई है। नामांकन के वक्त ही प्रत्याशी को सोशल के एकाउंट के बारे में भी रिटर्निंग आफिसर को ब्योरा देना होगा।

यह जानकारी कुशीनगर के जिलाधिकारी डा.अनिल कुमार सिंह ने दी। उन्‍होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आचार संहिता का पहरा होगा। इसके लिए कमेटियां गठित की गई हैं। आचार संहिता के पालन के लिए फ्लाइंग स्क्वाड,वीडियो सर्विलांस और स्टेटिक सर्विलांस की टीमें भी काम करने लगी हैं। होटल खर्च भी चुनावी खर्च में शामिल होगा। डीएम ने बताया होटल संचालकों को भी रहने वाले राजनीतिक व्यक्तियों और स्टार प्रचारकों के बारे में सूचना देनी होगी।जिलाधिकारी डा.अनिल कुमार सिंह ने बताया अब वोटर स्लिप पर सिंबल के साथ प्रत्याशी का फोटो भी होगा। इससे वोटर मतदान करते समय एक ही नाम के कई व्यक्ति होने पर धोखा नहीं खाएंगे। इसके लिए नामांकन के वक्त ही प्रत्याशी को पासपोर्ट फोटो भी देना होगा। मतदान में वोटर नोटा का भी प्रयोग कर सकेंगे। प्रचार सामग्री इको फ्रेंडली ही होगी। मतदाता पहचान पत्र के रूप मेंं जारी अभिलेखों में से मतदाता पर्ची को हटा दिया गया है। अब वोटर को पर्ची के साथ ही पहचान के लिए अभिलेखों में से एक लाना होगा।कुशीनगर में चुनाव प्रचार रात दस बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक बंद रहेगा। यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी डा.अनिल कुमार सिंह ने बताया बिना पूर्व अनुमति के कोई भी जुलूस और सभा नहीं की जा सकेगी।कोई भी प्रत्याशी लोकसभा के चुनाव में छवि छिपाकर मतदाताओं को अब अपने मकडज़ाल में नहीं फांस सकेगा। योग्य और साफ छवि वाले प्रत्याशियों के चयन में इस बार मतदाता भी कोई धोखा न खाएंगे। यदि कोई प्रत्याशी आपराधिक प्रवृत्ति का है तो उसे चुनाव के दौरान व्यापक प्रचलन वाले समाचार पत्रों में प्रकाशित करना होगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने प्रारूप सी-निर्धारित किया है। इसी पर पूरा ब्योरा भरकर प्रत्याशी को नाम वापस लेने के अंतिम दिन से लेकर मतदान के दो दिन पहले तक तीन बार विभिन्न तिथियों में प्रकाशित करना होगा।चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था उच्चतम न्यायालय के निर्देश के क्रम में लागू की है। राजनीतिक दल भी इससे नहीं बच सकेंगे। उनको वेबसाइट के साथ ही टीवी चैनल और व्यापक प्रसार वाले समाचार पत्र में प्रारूप सी- प्रकाशित कराना होगा। प्रत्याशी को रिटर्निंग आफिसर के समक्ष भी यह घोषित करना होगा कि उसने आपराधिक मामले के बारे में पार्टी को सूचित कर दिया है। रिटर्निंग आफिसर ऐसे अभ्यर्थियों को समाचार पत्र व टीवी चैनल में व्यापक प्रचार प्रसार के लिए प्रारूप सी-पर लिखित अनुस्मारक देंगे। पहले चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों से नामांकन पत्र के साथ अलग से शपथ पत्र लिया जाता था जिसमें स्वविवरण और अच-अचल संपत्ति का ब्योरा देना होता था। अब इसे नामांकन फार्म के साथ ही जोड़ दिया गया है।प्रत्याशी को देना होगा पांच साल के आय ब्योरा।जिलाधिकारी डा.अनिल कुमार सिंह ने बताया निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र के साथ दिए जाने वाले शपथ पत्र में प्रारूप में परिवर्तन किया गया है। अब प्रत्याशी को अपने परिवार एवं आश्रित व्यक्तियों की पिछले पांच वित्तीय वर्षों के आयकर विवरण तथा विदेशों में अवस्थित संपत्तियों का ब्योरा भी देना होगा। शपथ पत्र का प्रारूप आयोग की वेबसाइट से अपलोड किया जा सकता है।

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Aditya Prakash Srivastva