उत्तर प्रदेश कुशीनगर क्राइम राज्य

कुशीनगर : बेटे के हत्या के मुख्य आरोपियों को एक बार फिर से सजा दिलाने के लिए परिवार ने कसी कमर, जगाई न्याय की आस

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मु. कैश अंसारी, कुशीनगर केसरी/kknews24 तरया सूजान/कुशीनगर (१२ मार्च)। बिते गत दिनोंं थाना तरया सुजान क्षेत्र के गडहीया चिंतामणी मे बगीचे मे एक पेङ पर लटका हुआ शव मिला था जिससे गांंव मेंं सनसनी फैल गई थी। जिसको लेकर शुरू से ही हत्या का आशंका जताया जा रहा था लेकीन पुलिस ने खुब धन उगाही कर इस हत्या को आत्महत्या तथा आरोपियों को बचाने मे कामयाबी पा ली थी। आखिर हत्या को क्योंं बनाया गया आत्महत्या ? यह सवाल परिवार वाले हमेशा उठातेे रहे लेकिन पुलिस ने विलन का काम किया और आरोपियों को बचाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी जाहिर हो चुका है कि सर पर मारकर हत्या करके शव को पेंड़ मे लटका दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि नगीना कुशवाहा ग्राम गौरहा नवका टोला निवासी सत्येंद्र कुशवाहा अपने भाई के ससुराल जवही नरेंद्र किसी काम के चलते करीब रात नौ बजे गया था। जहा पुरानी रंजीश के कारण स्थानीय कुछ जिम्मेदारोंं ने उसे रात को पकड़ लिया और उसके उपर झूठी लांछन लगाते हुए राॅड और लाठी से मारने-पीटने लगे जहा सत्येंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे घबराये गांंव के जिम्मेदारों ने उसकी शव को आनन-फानन मे गड़हीया चिंतामणी के बगीचे के एक पेंंड़ पर लटकाकर आत्महत्या का रंग दे दिया। चुकि आरोपी पक्ष का कहना था की इस लड़के का अपने भाई की ससुराल के एक लड़की के साथ अवैध संबध था इसलिये शायद इसने आत्महत्या कर लिया है लेकीन इस मसले को बारिकी से देखा जाय तो यह मामला किसी भी एंगल से आत्महत्या का नही लगता है। सूत्रो की माने तो इसमेंं सामने आ रही उस लड़की की बयान को उस वक्त के वर्तमान क्षेत्राधिकारी के सामने दर्ज कराया गया था जहा लड़की ने कुछ जिम्मेदारों के नाम लेते हुए यह बताया कि मेरे घर के सामने उसे राॅड और लाठी से मारा गया था जहा उसके मुह और नाक से खुन आने लगा था उसके बाद क्या हुआ मुझे पता नही है। चूंकि इस पुरे मसले पर लड़की के बयान को आधार नही बनाया गया है इसलिये ही पुलिस ने लीपा-पोती कर के उन मुख्य आरोपियों को बचाने मे कामयाबी हासिल कर ली है।

आत्महत्या नही हत्या है साहब 

कुशवाहा परिवार ने कहा कि सत्येन्द्र ने आत्महत्या नहीं किया है उसका हत्या हुआ है दोषियों पर कार्यवाही हो। गांव के जिम्मेदारो ने हींं हत्या कर शव को पेेेेड़ पर लटकाया था, पुलिस ने लीपा पोती कर मामले को दबाने का प्रयास किया। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर के पिछले हिस्से और दोंनों बगल के हिस्से में चोट लगने सत्येन्द्र की मौत हो गई थी।

थाना तरया सुजान नये एसएचओ से है अब परिवार को न्याय की उम्मीद

बताते चले की पूर्व थाना प्रभारी ने अपनी धाक का गलत इस्तेमाल करते हुए और अपनी जेबे गरम करते हुए मुख्य आरोपियों को बचा लिया था जिसमें परिवार की आरोप की माने तो लाखों रूपये चढावा मे दिया गया था। जिससे सिर्फ दो अभियुक्त को आरोपी बनाकर जेल भेजा गया है लेकीन पुलिस के मेहरबानी से मुख्य साजिशकर्ता और मुख्य आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे है।
अगर न्याय प्रणाली की यही हाल रही तो गरीब लोगो को न्याय मिलता कही से भी नही दिखाई दे रहा है लेकीन अब परिवार ने एक बार फिर अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिये कमर कस लिया है जिसमें उन्हे अब नवगत थाना प्रभारी सुशील शुक्ला से काफी उम्मीदें हैं। सूत्रो की माने तो आरोपी पक्ष फिर से अपनी बचाव मे लगा हुआ है अब देखना है की इस बार विजय न्याय की होती है की अन्याय की।

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Aditya Prakash Srivastva