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कुशीनगरःभाकियू (भानु) ने सात सूत्रीय माँगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा

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डेस्क कुशीनगर।भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह द्वारा सात सूत्रीय माँगों का ज्ञापन  प्रधानमन्त्री व मुख्यमंत्री सम्बोधित जिला प्रशासन को सौंपा साथ ही ज्ञापन में जिक्र किया है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है| यदि देश का अन्नदाता खेती करना छोड़ दे तो देश में आपातकालीन स्थिति जैसी हालत पैदा हो सकती| इसके बाद भी केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी किसानों के उत्थान के लिये कोई ठोस कदम नही उठा रही है जिसके वजह से देश का अन्नदाता दिन रात खेतों में कार्य करने के बाद भी उसकी दशा और दिशा में कोई परिवर्तन होते नही दिख रहा है जो एक चिन्ता और चिन्तन का विषय है|
केंद्र और राज्य की सरकारें वादा तो किसानों के हित में बहुँत ही किया है मगर उसको निभाने के लिये उनके पास कोई कारगर उपाय नही है और यही कारण है की भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपने किये गए वादे पर असहाय और विफल नजर आ रही है| 2014 के लोकसभा चुनाव के समय देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा किये थे कि यदि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो जनपद कुशीनगर के पडरौना चीनी मील को हम सौ दिन में चलवा देंगें और साथ ही साथ जनपद की जो अन्य बन्द चीनी मील पड़ी हुई है उसे भी चलवाने का कार्य करेंगे लेकिन उनका वादा सिर्फ वादा बनकर ही रह गया है? प्रधानमन्त्री ने 23 मार्च 2015 को फिरोजपुर (पंजाब) में एक रैली को सम्बोधित करते हुए कहे थे कि हमारी सरकार देश के हर ब्यक्ति जो साठ साल के ऊपर हो गए है उन्हें पांच हजार रूपये मासिक पेशन देगी और उनके द्वारा यह भी वादा किया गया था की जनधन योजना में प्रत्येक खातें में पन्द्रह लाख रूपये भेजेगें लेकिन प्रधानमन्त्री का यह दोनों वादा सिर्फ खोखला ही साबित हुआ है| प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यह घोषणा किया गया था कि प्रदेश के किसानों के गन्ने का भुगतान चौदह दिन में उनके बैंक खाते मे आ जाएगा मगर उनका भी वादा सिर्फ किसानों को लुभाने के लिये किये गए थे वह भी धाक के तीन पात वाला किस्सा बनकर रह गया है| उपरोक्त बातों से यह महसूस हो रहा है कि भारतीय जनता पार्टी जो कहती है वह करती नही है? इन्ही सब बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह केंद्र और राज्य सरकार से मांग करते है जो किसानों, गरीबों और मजदूरों के उत्थान के लिये मील का पत्थर साबित होगा| जनपद कुशीनगर के तहसील कप्तानगंज अन्तर्गत ग्राम सभा चन्दरपुर, देवारियाबाबू, लालाछपरा और रघुछपरा में किसान सम्मान योजना का पहला किस्त जो दो हजार रुपये किसानों के खाते में केंद्र सरकार द्वारा आना था वह धनराशि आजतक किसानों के खाते में नही आया है| इसे संज्ञान में लेकर तत्काल किसानों के खाते में भेजवाया जाय| जनपद कुशीनगर में गन्ने की पर्ची को लेकर किसानों में असंतोष फैला हुआ है और किसान अपने गन्ने को क्रेशर पर देने के लिये मजबूर हो रहा है जब की यूनियन द्वारा लगातार सम्बन्धित अधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से बताया जा रहा है उसके बाद भी गन्ना पर्ची को लेकर सम्बन्धित अधिकारी द्वारा कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है? गन्ना पर्ची को लेकर आजतक ऐसी परिस्थिति कभी देखने को नही मिला है| इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाय जो किसानों के हित में होगा| जिन किसानों का गन्ना अभी खेत में पड़ा हुआ है उसका पुन: पड़ताल कराया जाय और उनको तत्काल पर्ची की व्यवस्था किया जाय ताकि किसानों का गन्ना चीनी मील तक समय से पहुँच सकें| केंद्र सरकार द्वारा जनधन योजना के प्रत्येक खाते में पन्द्रह लाख रुपया भेजा जाय क्योकि नरेन्द्र मोदी द्वारा यह घोषणा किया गया था| 23 मार्च 2015 को फिरोजपुर (पंजाब) में नरेन्द्र मोदी ने घोषणा किये थे कि हमारी सरकार देश के हर एक नागरिक जिनकी आयु साठ साल से ऊपर हो गया है उसे हम पांच हजार प्रति माह पेंशन देंगे| हमारा यूनियन प्रधानमन्त्री से माँग करते है कि वह पेंशन पांच नही दस हजार प्रति माह देने की घोषणा करें| जनपद कुशीनगर के कप्तानगंज, रामकोला, ढाडा, सेवरही और खड्डा चीनी मील के ऊपर किसानों के गन्ने का भुगतान योगी आदित्य नाथ अपने किये गए वादे को निभाते हुए चौदह दिन में किसानों के खाते में भेजवाने का कार्य करे क्योकि इस समय शादी विवाह और बच्चों के स्कूल में दाखिले का समय आ गया है यदि समय से गन्ने का भुगतान नही होगा तो किसानों के सामने एक बड़ा मुसीबत खड़ा हो सकता है| इस जनपद में किसानों की नकदी फसल सिर्फ गन्ना ही है और इसी के सहारे किसान अपने हर जरूरतों को पूरा करता है| जनपद कुशीनगर के लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र के किसान बन्धु भारतीय किसान यूनियन (भानु) के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह के नेतृत्व में एकसठ दिन धरना प्रदर्शन किये थे मगर केंद्र और राज्य सरकार लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये आजतक घोषणा नही किया| इस परिक्षेत्र के किसान बन्धु सिर्फ गन्ने के फसल के ऊपर ही निर्भर है क्योकि इस परिक्षेत्र के किसानों का नकदी फसल सिर्फ गन्ना ही है| लक्ष्मीगंज चीनी मील को बन्द हो जाने के वजह से इस परिक्षेत्र के किसान बन्धु अपने आपको असहाय महसूस कर रहे है| अन्त में श्री सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार को चेताया की यदि उपरोक्त किसानों की माँग को केंद्र और राज्य सरकार तत्काल सज्ञान में नही लेती है तो लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र के किसान बन्धु आने वाले लोकसभा चुनाव में वोट का बहिष्कार या नोटा बटन दबाने के लिये मजबूर हो सकते है जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी| इस मौके पर हरि जी, रामनारायन यादव, रामाश्रय वर्मा, बबलू खान, चेतई, राधे प्रसाद, लल्लन प्रसाद, रामाधार प्रसाद, रमई गौड़, प्रभु भारती, चन्द्रकेश्वर, ओमप्रकाश के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहे|

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Aditya Prakash Srivastva