उत्तर प्रदेश कुशीनगर राजनीति

कुशीनगरःलोकसभा चुनाव गन्ना किसानों के लिए मुद्दाविहीन ..भाकियू जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह

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डेस्क कुशीनगर।भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने अपने प्रेस विज्ञप्ति से माध्यम से अवगत कराया है कि आज के परिवेश में वोटरों में चुनाव के प्रति जिज्ञाषा नही के बराबर दिख रहा है इसका मूल कारण किसी को ठीक से पता नही चल पा रहा है| देश की जो राजनैतिक पार्टियाँ है अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों, गरीबों और मजदूरों के उत्थान के लिये कोई विशेष घोषणा नही करने के वजह से वोटर बिल्कुल चुपचाप बैठकर सिर्फ तमाशा ही देख रहे है यदि किसी भी वोटर से पूछा जा रहा है की वोट किस पार्टी को देना है तो कोई इस पर खुलकर बात करने को तैयार नहीं है? इसके दस दशक पहले जब कोई भी चुनाव होता था तो वोटर गली से लेकर चौराहे तक अपनी अपनी मनपसंद पार्टी के उम्मीदवार के विषय में बात करते नजर आते थे मगर इस परिवेश में वह सबकुछ जैसे बिलुप्त होते नजर आ रहा है|

जनपद कुशीनगर में कपास, सेव, अंगूर, अनार काजू और किसमिस जैसे चीजें पैदा नही होता है| जनपद कुशीनगर गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है और यहाँ की नकदी फसल सिर्फ गन्ना ही है और इसी के गन्ने के सहारे किसानबन्धु अपने घरों की प्रत्येक जरूरतों को पूरा करता है| इस जनपद में दस चीनी मिलें है जिसमे से पांच चीनी मिलें (लक्ष्मीगंज, रामकोला (खेतान), पडरौना, कटकुइयाँ और छितौनी) पिछले सरकारों की गलत नीतियों के वजह से इन्हें औने पौने दामों में बेचकर बन्द कर दिया गया है और पांच चीनी मिलें कप्तानगंज, रामकोला (पंजाब), ढाणा, सेवरही और खड्डा चालू की हालत में है और इन चीनी मीलों के भरोसे इस जनपद का गन्ना पेराई नही हो पा रहा है और इस समय मई का महीना शुरू हो गया है उसके बाद भी किसानों का हजारों एकड़ गन्ना खेतों में सुख रहा है इसका जिम्मेदार किसान या सरकार? इस सम्बन्ध में भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष श्री सिंह द्वारा लगातार ज्ञापन के माध्यम से शासन प्रशासन को अवगत कराया जाता रहा है उसके बाद भी किसानों की दुर्दशा से किसी को कोई मतलब नही है| सभी पार्टीयों के चुनाव घोषणा पत्र में यह देखने को नही मिला है कि देश में जितनी चीनी मिलें बन्द पड़ी है उसे हमारी पार्टी द्वारा चलवाया जाएगा खास तौर पर जनपद कुशीनगर के बन्द चीनी मील के ऊपर किसी भी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कुछ भी नही कहा है और इस जनपद में सभी पार्टी के उम्मीदवार चुनाव के समय में सिर्फ किसानों, गरीबों और मजदूरों की बात करके जातिगत समीकरण बैठाकर लोकसभा में पहुँचने की कोशिश कर रहे है जिसको किसान,गरीब और मजदूर भलीभाँति जान और पहचान गया है अब यह किसी पार्टी के बहकावे में नही आ सकता है वस यही कारण है कि लोकसभा चुनाव 2019 में वोटरों में जिज्ञाषा देखने को नही मील रहा है|

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Aditya Prakash Srivastva