चुनाव पूर्वी चम्पारण बिहार मोतिहारी राज्य

मोतिहारी :: जीत-हार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म

News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/kknews24 मोतिहारी पू.च.बिहार(१४ मई)। चुनाव बीतते ही हार-जीत की गणित को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। शहर के चाय दुकानों से लेकर माॅल बाजारों तक एक ही चर्चा आम है कि राधामोहन आयेंगे या आकाश कब्जा करेंगे। दोनों दलों के समर्थकों के बीच आपस में ही मतैक्य नहीं है कि हम जीतेंगे या विरोधी जीतेगा। पंखा छाप की ओर से दावा किया जा रहा है कि हम कम से कम दो लाख मतों की अंतर से चुनाव जीतेंगे तो दूसरी ओर कमल छाप के लोग यह दावा कर रहे है कि पंखा कहीं लड़ाई में नहीं है। इन दोनों के दावें-प्रतिदावें के बीच आम लोगों के मन में इस जीत-हार को लेकर उत्सुकता और बढ़ गयी है। मोतिहारी संसदीय क्षेत्र के मोतिहारी विधानसभा, गोविन्दगंज, केसरिया, कल्याणपुर, पीपरा, हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में तीन पर भाजपा, एक पर लोजपा एवं दो पर राजद का कब्जा है। इन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को कहा से कितनी बढ़त मिलती है और राजद को कौन विधानसभा अपनाता है, यह विचारणीय प्रश्न है? सूत्रों के अनुसार गोविन्दगंज, मोतिहारी, कल्याणपुर में भारतीय जनता पार्टी अपनी मजूबत दावेदारी बता रही है, जबकि केसरिया, हरसिद्धि, पीपरा में राष्ट्रीय जनता दल अपनी स्थिति बेहतर बताते हुए जीत का गणित बता रहे है। जनचर्चाओं के अनुसार किसकी जीत होगी, कौन हारेगा यह कहना बहुत मुश्किल है। टक्कर कांटे की है। फिर भी अपने-अपने तरह से कयास लगाये जा रहे है। राजद की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि एमवाई समीकरण के अलावे भाजपा के परम्परागत वोट मल्लाह, भूमिहार एवं अन्य दलित वर्ग के लोग का मत महागठबंधन की ओर झुका है। जबकि भाजपा की ओर से यह दावा किया जा रहा कि उनका सभी वर्गों में उतना ही मत प्रतिशत जितना पहले मिला है। इनलोगों का यह भी मानना है कि जिन लोगों का यह दावा है भूमिहार मत का बिखराव हुआ है, वें गलतफहमी में है। ये वोट सारा का सारा भाजपा की ओर गया है। दूसरी ओर प्रतिद्वंदियों का यह मानना है कि स्वजातीय के अलावे सभी वर्गों का मत पंखा छाप को मिला हैं और हम बिना किसी परेशानी से चुनाव जीत रहे है। बहरहाल दावे-प्रतिदावे के बीच जीत किसकी होगी, ये तो 23 मई को पता चलेगा। लेकिन यहां चर्चाओं का बाजार गर्म है और दोनों पक्ष अपने-अपने हिसाब से जीत-हार का गणित बना-बिगाड़ रहे है।

About the author

Aditya Prakash Srivastva