उत्तर प्रदेश कुशीनगर राजनीति राज्य

कुशीनगर :: भाकियू (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपनी मांगों का सौपा ज्ञापन

News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

डेस्क, कुशीनगर केसरी/kknews24 कुशीनगर(२० मई)। भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौपते हुए अवगत कराये है कि जनपद कुशीनगर के कप्तानगंज अन्तर्गत प्राइवेट अस्पताल की भरमार लगी है कुछ प्राइवेट अस्पताल ऐसे है जो बिना लाइसेन्स से ही चल रहे है। दिनाँक 12 मई 2019 को सचिदानंद हॉस्पिटल (ईसाई अस्पताल), कप्तानगंज में डॉक्टरों की लापरवाही से वजह से ग्राम पंचायत सुधियानी निवासी प्रभु तिवारी की २४ वषीय पत्नी साबित्री देवी की प्रसव के दौरान मृत्यु हो गयी थी और इस सम्बन्ध में दिनाँक 14 मई 2019 को एक ज्ञापन सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज के कार्यालय में दिया गया है।
बताते चले लगभग दो महीने पूर्व मदर केयर अस्पताल, कप्तानगंज में प्रसव के दौरान एक महिला श्रीमती संध्या देवी पत्नी श्री श्रवण ग्राम – पचार (झमई टोला) (गंभीरपुर) की मौत हो गयी थी और इस सम्बन्ध में मदर केयर अस्पताल को सील कर दिया गया है मगर उसका मुख्य ब्रांच किसान चौक पर आज भी मुकामी स्वाथ्य केंद्र की मिलीभगत से भालिभाँती फलफूल रहा है। दूसरी घटना दिनाँक 31 मार्च 2019 को सचिदानंद हास्पिटल (ईसाई अस्पताल), कप्तानगंज में प्रसव के दौरान एक महिला रम्भा देवी पत्नी जयनाथ मधेसिया ग्राम –फरदहा थाना – कप्तानगंज की मौत हो गयी जो एक चिन्ता और चितन का विषय है। इस दोनों घटनाओं की जानकारी हमारे यूनियन द्वारा शासन प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी इस अस्पताल के ऊपर आज तक कोई कार्यवाही नही किया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। अन्त में यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने माँग किया है कि उपरोक्त घटनाओं की उच्चस्तरीय जाँच कराकर उक्त अस्पताल को बन्द करवाया जाय साथ ही साथ जो जिम्मेदार ब्यक्ति है उसके ऊपर भी उचित कार्यवाही किया जाय जो जनहित में होगा। यदि इस मामलों को एक सप्ताह के अन्दर आपके द्वारा कोई उचित कार्यवाही नही किया गया तो हमारा यूनियन आपके कार्यालय को घेरने के लिये बाध्य होगें जिसकी पूरी जिम्मेदारी आपकी होगी। इस मौके पर हरी जी, चेतई प्रसाद, कृष्ण गोपाल चौधरी, बबलू खान, रामनरायन यादव, भोरिक यादव, बंशबहादुर विश्वकर्मा, जितेन्द्र कुशवाहा, चोकट प्रसाद के साथ साथ अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

About the author

Aditya Prakash Srivastva