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कुशीनगर :: किसानों की दशा और दिशा परिवर्तन करने की मांग को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष ने उठाई आवाज

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डेस्क, कुशीनगर केसरी/kknews24 कुशीनगर(०३ मई)। आज दिनाँक 03 जून 2019 को मण्डलीय खरीफ उत्पादकता ग्रोष्ठी – 2019 तारामण्डल, गोरखपुर में संपन्न हुआ जिसमे मुख्य अतिथि सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और साथ मे प्रमुख सचिव (कृषि) के साथ साथ गोरखपुर और आजमगढ़ मण्डल के अधिकारी, कर्मचारी के साथ साथ सम्मानित किसान बन्धु मौजूद रहे। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने जनपद कुशीनगर के किसानों की समस्याओं के ऊपर चर्चा किये। यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने अपने सम्बोधन के माध्यम से अवगत कराया कि जैसा आप सभी लोगों को भालिभाँती पता है कि इस देश का किसान दिनरात अपने खेतों में कार्य करता है और अपने खून पसीने से मेहनत करके अन्न पैदा करता है उसके बाद भी किसानों की दशा और दिशा में कोई परिवर्तन नही दिख रहा है जो एक चिन्ता और चिन्तन का विषय है| मै आप लोगों को जनपद कुशीनगर के किसानों की समस्याओं से अवगत कराना चाहता हूँ हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है कि आप लोग हमारी बातों को सुनेगे और जो किसानों की समस्या है उसके निस्तारण में अपना योगदान करेगे। जनपद कुशीनगर गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है और जनपद कुशीनगर का अधिकतम किसान गन्ने की खेती के ऊपर ही निर्भर और गन्ना इनका नकदी फसल है और इसी गन्ने के फसल के सहारे कुशीनगर का किसान अपने घरों की सभी जरूरतों को पूरा करता है। जनपद कुशीनगर में आज से दस साल पहले दस चीनी मिलें हुआ करती थी मगर पिछले सरकारों की गलत नीतियों के वजह से पांच चीनी मीलों को औने पौने दामों में बेच दिया या उसे घाटा दिखा कर बन्द कर दिया गया। इस समय जनपद में सिर्फ पांच चीनी मिलें चालू है और इन मीलों के सहारे जनपद कुशीनगर के किसानों का गन्ना पेराई नही हो पा रहा है और किसान अपने गन्ने को औने पौने दामों पर बेचने के लिये मजबूर हो रहे है यदि जनपद कुशीनगर में एक दो और चीनी मील की चालू हो जाता तो काफी हद तक किसानों के गन्ने की पेराई की समस्या से समाधान मील सकता है। जनपद कुशीनगर के लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये हमारे द्वारा लगातार 61 दिन धरना प्रदर्शन किया गया था यदि लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील चालू कर दिया जाय तो काफी हद तक इस परिक्षेत्र के किसानों के गन्ने की पेराई से सम्बन्धित समस्या का समाधान हो सकता है। गन्ने के पर्ची की समस्या इस पेराई सत्र में बहुत ही दयनीय रहा है। अभी जून का महीना शुरू हो गया है लेकिन किसानों का गन्ना अभी भी खेतों में पड़ा सुख रहा है। हमारा सुझाव है कि गन्ने की पर्ची बेसिक कोटा पर ध्यान न देकर किसानों के गन्ने का पड़ताल ठीक से कराया जाय और उस आधार पर कोटा सुनिशिचित किया जाय क्योकि पर्ची की आपूर्ति ठीक न होने के वजह से बहुत से किसान अपने गन्ने को क्रेशर पर बेचने के लिये मजबूर हो रहे है या दूसरे ब्यक्ति के पर्ची पर अपना गन्ना गिराने पर मजबूर हो रहे है जिसके वजह से उनका बेसिक कोटा सही नही होगा। एक और बात पर आप लोगों का ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूँ कि जनपद कुशीनगर के किसान पेराई सत्र 2018-19 से आने वाले पेराई सत्र 2019-20 में 25% ज्यादा गन्ना बोया है इसका भी ध्यान देना अतिआवश्यक है। जनपद कुशीनगर की जो चीनी मिलें चालू है उन्हें आदेश किया जाय कि पेराई सत्र 2019-20 के लिये जबतक अपने आबंटित क्षेत्र का गन्ने की पेराई नही मील कर लेता है तबतक बाहरी क्षेत्र के गन्ने की पेराई न किया जाय| जून का महीना शुरू हो गया है और गर्मी जोरों शोरों से बढ़ गया है और अभी तक नहरों में पानी नही आया है और किसानों का गन्ना पानी बिना सुख रहा है और साथ ही साथ खरीफ की फसल के लिए धान के पौधों को भी तैयार करना है और उसमें भी पानी की जरूरत है इसको ध्यान में रखते हुए तत्काल नहरों में पानी की व्यवस्था सुनिशिचित किया जाय। जनपद कुशीनगर के कप्तानगंज तहसील अंतर्गत ग्रामसभा – लालाछपरा (लक्ष्मीगंज) में पशु चिकित्सालय का भवन जर जर होकर गिरने के कगार पर पहुँच गया है लेकिन जिला प्रशासन उसपर ध्यान नही दे रहा रहा है। उस अस्पताल के भवन का निर्माण कराकर वहां पर डॉक्टर भी उपलब्ध कराया जाय जो जनहित में होगा। सरकार किसानों को बिजली और पानी मुफ्त में दे और जनपद में बिजली ट्रूबवेल की व्यवस्था सरकार कराये। नहरों की साफ सफाई ठेकेदारों द्वारा जेसीबी से कराया जा रहा है इसे मजदूरों द्वारा कराया जाय ताकि हेड से टेल तक पानी सुचारुरूप से पहुँच सके। अन्त में श्री सिंह ने सरकार से मांग किया है कि छुट्टा पशु आज भी किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है साथ ही साथ इनके वजह से आये दिन दुर्घटना भी हो रहा है इस पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।

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Aditya Prakash Srivastva