उत्तर प्रदेश राज्य सोनभद्र

सोनभद्र :: पुलिस की मेहमाननवाजी का आलम बना अपराध 

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अनूप श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी/kknews24 रेणुकूट/सोनभद्र(०८ जून)। पिपरी थाना क्षेत्र में आजकल अपराधियोंं धमक सी हो गई है। अमन चैन वाले पिपरी रेणुकूट सोनभद्र में बढ़ते अपराध के मामले पर पुलिस कुंभकर्णीय चिरनिद्रा में सोई नजर आ रही है।

बताते चलें कि अपराधियों के बढ़ते कदम को लेकर आम जनता में दहशत बना हुआ है। आखिरकार पुलिस मूंक क्यों बनी है। जब इस मामले पर गहन पूछताछ की गई तो यह पता चलता है कि अपराधी जगत से तालुकात रखने वाले लोगों का आवागमन पुलिस चौकी पर परसपर बना हुआ है। वक्त आने पर अपने व्यवहार व अंदाज में पुलिस को खुश करने में राजस्व जुटाने में व उसकी आवश्यकता अनुसार पूर्ति करने में अव्वल नंबर पर है। यहींं नहीं पुलिस वर्दी के साथ उस अपराधी जगत से तालुकात रखने वाले लोगों के साथ गाड़ी पर भी घूमने में पीछे नहीं है। इसके मद्देनजर अगर नगर पर प्रकाश डाला जाए तो रेणुकूट में निजी औद्योगिक प्रतिष्ठान के आवासी परिषद में बभनी की पूर्व ब्लाक प्रमुख हुसैन के आवास का ताला तोड़कर लाखों रुपए की समान को चंपत कर दिया गया, रेणुकूट स्थित आवासी परिषद में 23 मई को दुद्धी थाना क्षेत्र के एक नाबालिक 16 वर्ष की लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया, जिसमें पुलिस ने गोलमाल कर इस मामले को हल्क फुल्का दिखा कर दबा दी। 23 मई को दुद्धी थाना क्षेत्र के अंतर्गत यह मामला कुछ ज्यादा दिन ही नहीं बीता था कि 19 अप्रैल की शाम विवाह समारोह में रुपए से भरा बैग बदमाश छीन कर भाग गए, इसी दिन कोचिंग पढ़ने वाली लड़की के हाथ से मोबाइल रेणुकूट रामलीला मैदान के पास से बाइक सवार दो युवक छीनकर भाग गए। जिस पर पुलिस आज भी पकड़ने में नाकाम रही।

बता दें कि क्षेत्र में रेलवे क्रासिग सहित कई जगहों पर धड़ल्ले से मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है। जिसमें छोटे-मोटे अपराध तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यहींं नहीं पिपरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत देसी शराब की दुकानों पर भी मादक पीने वाले लोगों की भीड़ दुकान के अंदर होने लगी है। जिससे मुख्य सडक पर आने-जाने वाले लोगों को चलना भी दुश्वार हो गया है। माना जाता है कि जिला पुलिस कप्तान सलमानताज पाटिल का यह सख्त आदेश है कि अपराधियोंं पर कार्रवाई की जाए, मगर पुलिस थाना प्रभारी वह चौकी के जिम्मेदार पुलिस कप्तान के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए हठकेलिया करते नजर आ रहे हैं। कारण यह भी माना जा रहा है कि पुलिस प्रशासन मेंं कार्यालय मे बैठे लंबे समय से कारखासो का ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है जिससे वह अपने अधिनस्थों से कार्य नहीं करा पा रहे हैं और अपराधियोंं मे अच्छी धुसपैठ बना कर मलाई खा रहे है। जिसकी भनक भी जिम्मेदार अधिकारी तक नही पहुच पा रही है। समय रहते इस पर कारवाई नही की गयी तो यह घिनौना कार्य समाज को एक दिन कलंकित करने में पीछे नहीं रहेगा और अपराधियों की धमक दिन पर दिन नगर के शांत वातावरण को गंदा करता जाएगा। जिसका जिम्मेदार जनता पुलिस को ही ठहरायेेगी।  सूूत्रोंं का मानना है कि भले ही पुलिस अपराधी जगत को पकड़ने में नाकाम हो रही हो मगर वसूली करने में अव्वल नंबर पर दिखती है। मुख्य सड़कों पर गाड़ियों को दौड़ा कर पकड़ कर वसूली करना वह उससे गाली-गलौज करना यह सरेआम हो चुका है!

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Aditya Prakash Srivastva