उत्तर प्रदेश क्राइम राज्य सोनभद्र

सोनभद्र :: प्रशासन की लापरवाही से न्याय के लिए दर-दर भटक रही है महिला पत्रकार और पुलिस अधिकारी बने धृतराष्ट्र

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अनूप श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी/kknews24 रेणुकूट/सोनभद्र(१२ जून)। बिते दिनों एक महिला पत्रकार को दुसरे समुुदाय के दबंग पड़ोसियों द्वारा जबरन घर में घुसकर दौड़ा-दौड़ा कर मारने पीटने का मामला प्रकाश में आया है और इस मामले में थााने की पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने से महिला पत्रकार अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हुए एसपी तक से न्याय की गुहार लगाई लेकिन उसको कहींं से न्याय नहीं मिला। वहीं कानूनी दांवपेच लगाकर दबंगों के प्रभाव में आकर पीपरी थाने द्वारा दबंगोंं सहित महिला पत्रकार को मी 107/116 में पाबंद कर कोरम पूर्ति कर दिया गया जिससे उक्त महिला पत्रकार और आज भी न्याय के लिए दर-दर भटक रही है और पुलिस अधिकारी कान में तेल डालकर धृतराष्ट्रर बने पड़े हैं। एक तरफ सूबे की सरकार अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने की संकल्पबद्ध है तो दूसरी तरफ अपराधियों को और दबंगों को साथ देने का काम कर रही है उत्तर प्रदेश के पिपरी थाने की पुलिस।

गौरतलब है कि पीपरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चारनलवा के समीप विगत दिनोंं महिला पत्रकार अपने मकान के निर्माण होने के बाद आगे बरचा निकाल रही थी की पडोसी दुसरे समुदाय के स्व इकबाल के पुत्रोंं ने उसके सेटरिग को तोड दिया और गाली गलौज देकर माराना-पीटान भी शुरू कर दिया। यहींं नहींं कार्य कर रहे मजदूरोंं को भी गाली गलौज कर भगा दिया। जिसका एनसीआर पिपरी थाने मे दर्ज की गयी मगर पीड़िता घायल महिला पत्रकार सुनीता ने बताया की जहा हम घायलोंं की मददत करने वाली संस्था से जुडने के साथ साथ पत्रकारिता भी करती हूंं वही प्रशासन ने हमे हमारे मामले मे न्याय दिलाने मे अपना पल्ला झाड ली ! आगे पिपरी थाने दिवान पर दबगोंं का सहयोग करने का आरोप लगाते हुए बताया कि पैसे के बल पर सिर्फ चार लोगोंं का नाम दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी को हींं इस मामले से साफ साफ हटा दिया गया, साथ हीं यह भी बताया कि थाने के दीवान द्वारा मुझसे कहा गयाा कि हम केवल 4 लोगों को हींं मुकदमे में में पाबंद करेेंंगे भले हींं कितने लोग होंं ऐसा उपर से आदेश है। जबकि पीड़िता व उसके परिवार को दर्जनोंं लोगों ने गोलबंद होकर घर में घुसकर मारा-पीटा। इस बात को लेकर चोटिल पत्रकार महिला जब सोनभद्र पुलिस कप्तान के चौखट पर पहुची तो साहब ने पीड़िता सुनीता से मिलना मुनासिब नहींं समझा और मामले को अपने अधिनस्य अधिकारी “कारखास “को सौप कर चले गये। सोनभद्र कार्यालय पर मामले की सुनवाई कर रहे पुलिस अधिकारी ने पिपरी थाने से जानकारी लेते हुए दबंगो से सेट्रिग का समान व ईट वापस करवाने के लिए टेलिफोनिक बातेंं कही मगर आज तक थाना सेट्रिंंग का समान व ईंंट वापस नहींं करा पाया और न ही दंबगो को गिरफ्तार ही किया। जिससे दंबगो के हौसले बुलन्द हो गये और सुनीता के घर वाले सहमे डरे रहने लगे। यहींं नहीं शान्त न बैठकर उपर से पिपरी थाने ने पिडीता पत्रकार के उपर 107/116 का मुकदमा पंजिकृत कर दिया जो पीड़िता के साथ सरासर अन्याय है। चोटिल महिला पत्रकार थाना प्रशासन के इस ब्यवहार से बहुत दुखित व डरी सी रहने लगी।

जहांं मुख्य धारा मे काम करने वाले पत्रकारोंं कों राज्य सरकार व पुलिस अधिकारी सुरक्षा देने की बात करते है वही इन लोगो के मंशा को अनदेखी करते हुए पिपरी थाने नुमाइंदों द्वारा दबंगों के प्रभाव में आकर पत्रकार सुनीता को परेशान करने मे जुटा है। सुनीता का कहना है कि आज तक मेरा समान वापस नही कराया गया तथा दंबगो पर न्यायिक कार्यवाही नही हुई। यह बात उपर प्रेस काउन्सिल और आला प्रशासनिक अधिकारीयो तक ले जाया जायेगा। एक तरफ सूबे की सरकार अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने की संकल्पबद्ध है तो दूसरी तरफ अपराधियों को और दबंगों को साथ देने का काम कर रही है उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के पिपरी थाने की पुलिस।

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Aditya Prakash Srivastva