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कुशीनगरःबन्द चीनी मिल को चालू कराने का जब तब सरकार द्वारा पहल नहीं किया तो जारी रहेगा आन्दोलन

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डेस्क.कुशीनगर।भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह की अध्यक्षता में लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के सांतवे दिन भी आक्रोशित हुए किसान। आज के धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता मैना देवी और संचालन बबलू खान द्वारा किया गया।
लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिए आज छ्ठे दिन भी किसान हुए आक्रोशित। किसानों का कहना है कि इस पेराई सत्र में गन्ने को लेकर जो दुर्दशा झेला गया है शायद ऐसा कभी देखने को नही मिला। किसानों से रूबरू होते हुए यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने कहा की बीजेपी सरकार पर विश्वास करके किसानों ने अपना बहुमूल्य वोट देकर नरेन्द्र मोदी को दुवारा प्रधानमंत्री बनाया मगर केंद्र और राज्य में बीजेपी सरकार होने के वावजूद भी लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिए अभी तक घोषणा नही किया गया जो इस परिक्षेत्र के किसानों के साथ धोखा है। आगे श्री सिंह ने बताया की केंद्र में बीजेपी सरकार आते ही रोजमर्या के बस्तुओं के दामों में वृद्धि हुई है जिसके वजह से छोटे बर्ग के लोगों के ऊपर मंहगाई की मार पड़ा है। यह सरकार उद्योगपतियों की सरकार है और इस सरकार में किसानों,गरीबों और मजदुरों का भला नही होने वाला है।आज के धरना प्रदर्शन में किसानों के बच्चे भी मौजूद रहे और उनके द्वारा भी चीनी को चालू करने के लिए आवाज को बुलन्द किया। अन्त में यूनियन के जिलाध्यक्ष ने कहा की जबतक सरकार लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिए घोषणा नही करती है तबतक हमारा धरना प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहेगा और धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार की नींद हराम कर दिया जाएगा। इस मौके पर हरि जी,कृष्ण गोपाल चौधरी, रामाश्रय वर्मा,सरल मियां, महफ़िल, आशा देवी, साहिना, रुखसाना, आरवाज, पारस, सोनमती, रामदुलारे, विकाऊ, रामबृक्ष, रामनरायन यादव, प्रभु भारती, चेतई प्रसाद, कैलाश,बिकाऊ चौधरी,हरि गौड़, लल्लन प्रसाद, कोदई प्रसाद, हरी गौड़, भोला गुप्ता, चांदबली, परमहंस यादव, पारस राय, श्रीकान्त सिंह,छोटे लाल, नुरसलाम अंसारी, बुधिया, तैबुन नेशा, सबुजनी देवी, जुलेखा खातून,हरी लाल जैसवाल, सुनरी देवी, बादामी देवी, इसरावती देवी, बलवंती देवी, कलावती देवी, हैरुन नेशा, बादामी देवी,बुधिया देवी,चम्पा देवी, ओमप्रकाश के साथ साथ सैकड़ो की संख्या में किसान मौजूद रहे।

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Aditya Prakash Srivastva