उत्तर प्रदेश क्राइम देवरिया राज्य

देवरिया :: जिला प्रशासन व पुलिस तथा आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब के विरुद्ध 48 घण्टों में बड़ी कार्यवाही करते हुए कुल 90 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1357 लीटर अवैध शराब बरामद कर व लगभग 362 कुन्तल लहन व 8 धधकती भट्ठियों को नष्ट करते हुए किया 90 अभियोग पंजीकृत

News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

दिलीप श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी/kknews24, देवरिया (31 मई)। अवैध शराब के विरूद्ध जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन व पुलिस अधीक्षक डा0 श्रीपति मिश्र के निर्देशन में से चलाए जा रहे अभियान के दौरान समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी व आबकारी अधिकारीगण के नेतृत्व में जनपद के सभी थानों के प्रभारी निरीक्षकध्थानाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत संभावित स्थानों पर दबिस देते हुए कुल90 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा थानावार निम्नानुसार अभियोग पंजीकृत कराये गए।
थाना कोतवाली – 8 मुकदमा 8 अभियुक्त
थाना रामपुर कारखाना – 9 मुकदमा 9 अभियुक्त
थाना तरकुलवा – 4 मुकदमा 4 अभियुक्त
थाना बघौचघाट – 5 मुकदमा 5 अभियुक्त
थाना महुआडीड – 3 मुकदमा 3 अभियुक्त
थाना रुद्रपुर – 3 मुकदमा 3 अभियुक्त
थाना गौरीबाजार – 8 मुकदमा 8 अभियुक्त
थाना मदनपुर – 1 मुकदमा 1 अभियुक्त
थाना एकौना – 1 मुकदमा 1 अभियुक्त
थाना सलेमपुर – 7 मुकदमा 7 अभियुक्त
थाना लार – 7 मुकदमा 7 अभियुक्त
थाना खुखुन्दू – 3 मुकदमा 3 अभियुक्त
थाना बरियारपुर – 5 मुकदमा 5 अभियुक्त
थाना भाटपाररानी – 3 मुकदमा 3 अभियुक्त
थाना भटनी – 2 मुकदमा 2 अभियुक्त
थाना खामपार – 3 मुकदमा 3 अभियुक्त
थाना बनकटा – 7 मुकदमा 7 अभियुक्त
थाना बरहज – 5 मुकदमा 5 अभियुक्त
थाना मईल – 5 मुकदमा 5 अभियुक्त
थाना भलुअनी – 1 मुकदमा 1 अभियुक्त
इस अभियान के दौरान कुल पंजीकृत 90 अभियोगों से करीब 362 कुन्तल लहन नष्ट की गई, 8 धधकती भट्ठियों को रंगे हाथ पकड़ा गया तथा कुल 1292 लीटर कच्ची शराब तथा 65 लीटर अवैध देशी व विदेशी शराब पकड़ी गयी। जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आज पुलिस लाइन परिसर में पिछले 24 घण्टे में पकड़े गये अभियुक्तों से पूछताछ की गई साथ ही उन सभी को सचेत किया गया कि वह इस गलत धन्धे को छोड़कर एक सभ्य नागरिक की भाँति कोई भी अन्य वैध व्यवसाय करें।

About the author

Aditya Prakash Srivastva