क्राइम पश्चिमी चम्पारण बगहा बिहार राज्य

बगहा(पश्चिमी चंपारण) :: मृतक के परिजनों ने घंटो इंतजार के बाद पोस्टमार्टम को लेकर हॉस्पिटल में जमकर किया बवाल

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विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/kknews24, बिहार(३० सितंबर)। बगहा अनुमंडलिय अस्पताल में मृतक को ले पोस्टमार्टम कराने आए परिजनों ने जमकर किया बवाल आपको बता दे कि इस अस्पताल में पोस्टमार्टम को ले भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यही नही यहां मुंहमांगे रुपये में पोस्टमार्टम हेतु चीड़फाड़ करने वाले डोम को देना पड़ता हैं जबकि यहां आयेदिन कहि न कही से कोई न कोई लाश पोस्टमार्टम के लिए आते रहता है जिसको लेकर कभी-कभी कई घंटो का इंतजार भी करनी पड़ जाती है।

बता दे अनुमंडलीय अस्पताल में एक ही दिन दो शव आया, एक महिला का जो कि दहेज हत्या का मामला है। दूसरा सड़क हादसे में एक बच्चे का। जिनको पोस्टमार्टम कराने को लेकर कई घंटों का इंतजार के बाद आखिरकर दोनों के परिजनों का सब्र का बांध टूट पड़ा व नाराज होकर गुरुवार को जमकर नारेबाजी करते हुए बवाल काटा गया । मिली जानकारी के अनुसार दोनो मृतक के परिजन लाश को रख बुधवार की शाम से ही पोस्टमार्टम का इंतजार कर रहे थे हद तो तब हो गई जब सुबह लाश का चिरफाड करने वाला अस्थाई कर्मी आया। लेकिन, परिजनों से पैसा लेकर चलता बना। पोस्टमार्टम कराने आए परिजनों ने जब हार थक गए तो अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी करते व हंगामा करते नजर आये परिजनों का आरोप था कि बुधवार की शाम से अनुमंडलीय अस्पताल में लाश लेकर बैठे हैं लेकिन अब तक पोस्टमार्टम नहीं किया गया। नही कोई भी अस्पताल कर्मी सुधि लेने नही पहुचे हंगामे को शांत कराने के लिए डॉ जहा बिरोध प्रदर्शन देख अस्पताल के राजेश कुमार नीरज प्रशासनिक उपाधीक्षक अनुमंडलीय अस्पताल बगहा को आकर इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। जिसके बाद मामले को किसी तरह से शांत कराया गया। हालांकि तब तक दोनों शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। मामले की जानकारी देते हुए
प्रशासनिक उपाधीक्षक डॉ राजेश कुमार नीरज ने बताया कि अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान चीर फार करने वाला कर्मी की स्थाई नियुक्ति नहीं है। जिसके कारण पोस्टमार्टम में विलंब हुआ है। हालांकि सुबह आया था, लेकिन मूड बनाने चला गया है। अब यह मूड बनाना क्या होता है खुद डॉक्टर साहब को भी पता नहीं है लेकिन मूड बनाने की बात स्वयं प्रशासनिक प्रभारी उपाधीक्षक ही कह रहे हैं।अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टर के हॉस्टल और अस्पताल के विधि व्यवस्था पर लेकर काफी हंगामा हुआ था। इस हंगामे में विधायक को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। जिसके बाद जिला पदाधिकारी बेतिया और सिविल सर्जन ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। विधि व्यवस्था सुधारने के लिए उपाधीक्षक के अलावा एक विधि व्यवस्था उपाधीक्षक डॉक्टर राजेश सिंह नीरज बनाए गए। उसके बाद भी अस्पताल की विधि व्यवस्था में सुधार नहीं हो रही है। जो एक सोचनीय बात है। वही बुधवार की शाम दो शव अनुमंडलीय अस्पताल आया। पहला पटखौल थाना क्षेत्र के रहने वाली एक महिला की मौत दहेज के कारण हुई थी। जिसे परिजन पोस्टमार्टम के लिए प्रशासन के साथ लेकर आए थे तो वही, दूसरा मामला सड़क हादसे का है इसमें 14 वर्षीय युवक बस हादसे का शिकार हो गया था, जिसे पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनो ने अनुमंडलीय अस्पताल बगहा लेकर आए थे लेकिन समय से पोस्टमार्टम नहीं होने के बाद परिजनों ने अपना आपा खो दिया और उदासीन रवैया को देखते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा करना पड़ा।

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Aditya Prakash Srivastva