उत्तर प्रदेश कानपुर क्राइम राज्य

कानपुर/गोरखपुर :: दागी पुलिस अधिकारियों को करें बर्खास्त : सीएम योगी

News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

::– गोरखपुर में व्यपारी मनीष मर्डर के बाद एक्शन में आए सीएम योगी ::– एडीजी एलआईयू और डीजी विजिलेंस के नेतृत्व में दो टीमों का मुख्यमंत्री ने किया गठन, जो दागी पुलिसकर्मियों की बनाएगी सूची : सूत्र

आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव/मनोज पाण्डेय, कुशीनगर केसरी/kknews24, गोरखपुर(०१ अक्टूबर)। सूबे के मुखिया के गृह शहर में व्यापारी मनीष गुप्ता के मर्डर केस के बाद यूपी पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्शन लेने की बात कही है। आला अधिकारियों को सीएम ने निर्देश दिया है कि यूपी में सभी दागी पुलिस अधिकारियों की सूची बनाई जाए और उन्हें बर्खास्त की जाए। मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा है। वहीं मनीष गुप्ता मर्डर केस में गोरखपुर जिले के डीएम और एसएसपी की भी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। दरअसल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक पत्र को संज्ञान लेते हुए डीएम और एसएसपी के खिलाफ शिकायत दर्ज किया है।
बताते चलें कि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन में मीटिंग के दौरान निर्देश देते हुए कहा कि वर्दी पर दाग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आला अधिकारियों को निर्देश दिया कि यूपी के सभी जिलों से दागी अफसरों की सूची मंगाई जाए और फाइनल सूची बनाकर बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इससे पहले गुरूवार को घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनीष के परिजनों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उनकी पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि सरकार ने हमारी सारी मांगें मान ली है। केस गोरखपुर से कानपुर ट्रांसफर किया जाएगा और सीबीआई जांच पर भी सीएम ने संस्तुति करने की बात कही है। इधर, मनीष गुप्ता मर्डर केस में गोरखपुर जिले के डीएम और एसएसपी की मुश्किलें बढ़ सकती है। दरअसल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक पत्र को संज्ञान लेते हुए डीएम और एसएसपी के खिलाफ शिकायत दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि एक आवेदन पत्र को संज्ञान में लेते हुए आयोग ने शिकायत दर्ज की है। सूत्रों की माने तो सुबे के मुखिया ने एडीजी एलआईयू और डीजी विजिलेंस के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया है जो दागी पुलिसकर्मियों का सूची बनाकर कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय का अग्रेसित करेगी।

About the author

Aditya Prakash Srivastva