उत्तर प्रदेश कुशीनगर राज्य

कुशीनगर :: पुलिस अधीक्षक ने थाना कोतवाली पडरौना का किया आकस्मिक निरीक्षण, दिये आवश्यक दिशा निर्देश

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आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी/kknews24, कुशीनगर(२५ अक्टूबर)। दिनांक-२५ अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक ने रात्रि में थाना कोतवाली पडरौना का आकस्मिक निरीक्षण किया गया एवं निरीक्षण के पश्चात निम्न निर्देश जारी किये गये। थाना कार्यालय में रखे अभिलेखों अपराध रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर , त्यौहार रजिस्टर, भूमि विवाद रजिस्टर, हत्या से सम्बन्धित रजिस्टर व बीट सूचना रजिस्टर तथा अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया गया तथा उक्त अभिलेखों को अद्यावधिक करने एवं उचित रख रखाव हेतु निर्देशित किया।

एसपी ने निरिक्षण के दौरान जनसुनवाई से सम्बन्धित शिकायती प्रार्थना पत्र के निस्तारण की समीक्षा की गयी। महिला हेल्प डेस्क की समीक्षा व पीली पर्ची के संबंध में निस्तारण की समीक्षा करते हुए महिला पुलिस कर्मियों को फरियादियों से अच्छे व्यवहार करने व उनकी समस्याओं को सुनकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु दिशा निर्देश दिये गये। बीट पुलिसिंग प्रणाली के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान हेतु निर्देशित किया गया तथा बीट पुलिस कर्मियों की समीक्षा की गयी और समय से बीट सूचना अंकित कराने हेतु निर्देशित किया गया। डायल UP-112 की समीक्षा की गयी तथा किसी भी घटना में 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुचने के लिए पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया। एसपी ने प्रत्येक जनशिकायत का फीडबैक स्वयं प्रभारी निरीक्षक को करने के लिए निर्देशित किया। मालखाने में रखे बलवा ड्रिल से सम्बन्धित उपकरणों की साफ सफाई करा कर रखने हेतु निर्देशित किया गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग किया जा सके एंव लावारिश वाहन /माल की सूची बनाकर नीलामी की प्रक्रिया के प्रस्ताव को प्रस्तुत कर निस्तारण कराने हेतु निर्देश दिये गये। सभी पुलिस कर्मियों को मानक के अनुसार वर्दी धारण करने तथा टर्नआउट उच्च कोटि का रखने के लिए निर्देशित किया गया और हवालात का निरीक्षण किया गया तथा निर्देशित किया गया कि डायल-112 के पुलिसकर्मियों या थाने के किसी भी पुलिसकर्मी के द्वारा बिना कारण किसी भी व्यक्ति को थाने पर नही बैठाया जायेगा। एसपी द्वारा निर्देशित किया गया कि यदि पुलिस कर्मियों के द्वारा किसी भी व्यक्ति को थाने पर बैठाया जाता है तो उसका उल्लेख जीडी में अवश्य किया जाए तथा उसकी सूचना प्रभारी निरीक्षक व थानाध्यक्ष को तथा पुलिस कन्ट्रोल रुम को अवश्य दिया जाए। अपराधियों पर सतत निगरानी हेतु बनायी गयी ईगल टीम की समीक्षा की गयी। पूर्व निर्धारित 10 बिन्दूओं(एचएस, टाप-10, एक्टिव लिस्ट व विगत 03 वर्षों में जेल से छूटे अपराधियों आदि) का चौकी व हल्कावार लिस्ट बनाकर निगरानी रखने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।

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Aditya Prakash Srivastva