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सोनभद्र :: पिपरी में निर्मित “चित्रगुप्त मंदिर ” में चित्रांश सेवा समिति ने मां दुर्गा और राम दरबार की मूर्ति की किया स्थापना

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अनूप श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी/kknews24 सोनभद्र(०७ नवंबर)। जनपद के पिपरी में निर्मित “चित्रगुप्त मंदिर ” में चित्रांश सेवा समिति के द्वारा ०६ नवंबर को मां दुर्गा और राम दरबार की मूर्ति स्थापना की गई। ०६ नवंबर प्रातः 10:00 बजे की पवित्र बेला में पिपरी की पावन धरती चित्रगुप्त मंदिर पर पूजा ,हवन, आरती व भंडारे का कार्यक्रम रखा गया। जिसमें अधिकाधिक संख्या में भक्तजनों ने पूजा में सम्मिलित होकर पूजा ,आरती व हवन किया तथा उपस्थित कायस्थों और अन्य लोगों ने कलम का प्रयोग करते हुए अपनी प्रार्थना भगवान चित्रगुप्त के दरबार में लगाई।

बता दें कि भगवान श्री चित्रगुप्त ब्रह्मा जी के प्रथम पुत्र है और ब्रह्मा जी के आशीष से भगवान चित्रगुप्त को सभी जिवों, देवताओं के भाग्य रचने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दीपावली पर्व के बाद भाई दूज के दिन चित्रगुप्त पूजा मनाई जाती है।

चित्रगुप्त पूजा के प्रति लोगों की आस्था है कि यदि भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाए तो अपने भाग्य को उज्जवल बनाया जा सकता है। इसी कारण भगवान चित्रगुप्त की पूजा हर वर्ग के लोग करते हैं। यह पूजा कायस्थों की विशेष पूजा है और कायस्थ समाज इस पूजा को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं और अपने प्रभु की स्तुति एवं आराधना करते हैं। इसी दिन अन्नकूट गोवर्धन पूजा भी होती है। चित्रगुप्त पूजा के भंडारा में भंडारा का कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक चलता रहा। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तजनों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। लोग आते रहे, भंडारा चलता रहा, भंडारा में प्रसाद की कमी तनिक मात्र भी नहीं हुई और ईश्वर के जयकारे लगातार लगते रहे। चित्रगुप्त भगवान की जय ,मां दुर्गा की जय, राम दरबार की जय के जयकारों से सारा माहौल गुंजायमान हो गया। सभी उपस्थित भक्तगण ईश्वर के प्रति भाव विभोर हो गए।

ईश्वर की असीम अनुकंपा से सारे कार्य सुंदर व सफल हुए। उपस्थित आने जाने वालों ने चित्रांश सेवा समिति के द्वारा किए गए कार्यों की काफी प्रशंसा एवं सराहना भी करते नहीं थकते थे। इस कार्यक्रम की विशेष बात यह थी की लोगों ने स्वयं स्वेच्छा से आगे बढ़ चढ़कर भंडारे हेतु सप्रेम भेंट दिया और कार्यक्रम को सफल बनाया। पंडित जी ने पूजा के उपरांत ईश्वर को भंडारे का भोग लगाया तत्पश्चात भंडारा भक्तजनों में वितरण किया गया। पूरे मंदिर प्रांगण को सुंदर पंडाल व पुष्पों से सजाया गया। चित्रांश सेवा समिति द्वारा आए हुए सभी भक्तों का समुचित खयाल रखा गया तथा सभी को पूरा सम्मान दिया गया।

इस शुभ अवसर पर सर्वजन के लिए भंडारा का कार्यक्रम रखा गया। भंडारे में मुर्धवा, पिपरी, रेणुकूट ,अनपरा, नोएडा, वाराणसी, मिर्जापुर, दिल्ली इत्यादि जगह से लोग पूजा में सम्मिलित होने के लिए पधारे। भंडारा चलता रहा आने जाने वालों का तांता लगा रहा। सभी कार्यक्रम सुमंगल तरीके से संपन्न हुए तथा सभी कायस्थों ने आने वाले सभी भक्तजनों को शुभकामनाएं दी और उनके जिवन की मंगलकामनाएं किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से गोपाल श्रीवास्तव, मुकुल श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव ,मणिशंकर सिन्हा ,आशीष श्रीवास्तव , कौशलेंद्र श्रीवास्तव ,प्रदीप श्रीवास्तव ,संजय श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, पिंकू, विवेक श्रीवास्तव, रतन श्रीवास्तव, पी पी सिंह श्रीवास्तव, सुरेश चंद श्रीवास्तव ,धीरज श्रीवास्तव,शलज़ श्रीवास्तव, उपेंद्र श्रीवास्तव इत्यादि भारी संख्या में कायस्थ कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Aditya Prakash Srivastva