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बगहा(प.चं.) :: कांचहि बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए गीत से उमड़ा चखनी राजवाटिया के नारायणी गंडकी छठ घाट पर जन सैलाब

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::– बगहा प्रखण्ड के चखनी राजवाटिया में डूबते सूर्य को अ‌र्घ्य दे व्रतीयों ने मांगी संतान सुख समृद्धि व मंगल कामना की लंबी उम्र। ::– छठ मइया दीही ना आशीर्वाद.., केलवा जे फरेला घवद से ऊपर सुगा मंडराए।

विजय कुमार शर्मा, कुशीनगर केसरी/kknews24, बिहार(१० नवंबर)। सूर्यदेव के आराधना का महापर्व सूर्य षष्ठी छठ बुधवार को श्रद्धा सुमन के साथ बड़ी धूमधाम से मनाया गया। छठ व्रती महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य का अ‌र्घ्य देकर पुत्रों के लंबी उम्र की सुख समृद्धि की कामना की। छठ घाटों पर अ‌र्ध्य देने के लिए हजारों की संख्या में महिलाओं का हुजूम उमड़ा रहा अ‌र्घ्य देने के बाद जल में प्रवाहित किए दीपों का विहंगम दृश्य देखते ही बना। दोपहर बाद से ही आसपास से लेकर ग्रामीण इलाके के श्रद्धालु सिर पर पूजा सामग्री का डाला लेकर राजवाटिया के नारायणी गंडक नदी की तरफ चल पड़े। शाम होते-होते हजारों श्रद्धालु इकट्ठा होकर छठ मईया का गीत गाता महिलाओं का समूह मनोहारी छटा बिखेर रहा था।

आलम यह था कि तट पर तिल रखने तक की जगह नहीं बची। महिलाएं वेदी पूजन के बाद नदी में सामने खड़ी होकर सूर्यदेव के डूबने का इंतजार करने लगी।वहीं राजवाटिया के नारायणी नदी स्थित चखनी घाट पर छठी मां की पूजा अर्चना करते हुए छठ व्रती महिलाएं व्रतियों द्वारा गाए जा रहे छठ गीत कांचहि बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए., छठ मइया दीही ना आशीर्वाद.., केलवा जे फरेला घवद से ऊपर सुगा मंडराए, आदि गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था। सभी लोग छठी मइया की आराधना कर सुखमय जीवन की कामना कर रहे थे। व्रतियों ने इस दौरान सूर्यदेव से यह मन्नतें मांगी कि हे सूर्यदेव, आप हर बार परिवार के संकट दूर करे इस दौरान कई छठ व्रतियों की मन्नतें पूरी होने पर बैंड बाजे भी बजा रहे थे। छठ घाटों पर बच्चों द्वारा जमकर आतिशबाजी भी कर रहे थे। इससे इस महापर्व की भव्यता और बढ़ जाती थी।

छठ घाट पर हरे राम हरे कृष्ण के शुभ अष्टयाम का 12 घंटे का स्थानीय कीर्तन मंडली द्वारा आयोजन किया गया है बिधि ब्यवस्था को लेकर ब्यापक प्रशासनिक स्तर पर इंतजाम किया गया था

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को क्यों देते हैं डूबते सूर्य को अर्घ्य?

सुबह, दोपहर और शाम तीन समय सूर्य देव विशेष रूप से प्रभावी होते हैं
सुबह के वक्त सूर्य की आराधना से सेहत बेहतर होती है। दोपहर में सूर्य की आराधना से नाम और यश बढ़ता है। शाम के समय सूर्य की आराधना से जीवन में संपन्नता आती है। शाम के समय सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं। इसलिए प्रत्यूषा को अर्घ्य देना तुरंत लाभ देता है
जो डूबते सूर्य की उपासना करते हैं, वो उगते सूर्य की उपासना भी जरूर करते है।

इस मौके पर अनुमंडलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा , बगहा एक प्रखण्ड बिकास पदाधिकारी कुमार प्रशांत , बगहा एक अंचलाधिकारी अभिषेक आननद, सामाजिक कार्यकर्ता छबीला यादव , मुखिया रविरंजन उर्फ लालबाबू यादव , कन्हैया यादव , जोगी साह , प्रदीप प्रशाद , प्रिंस कुमार अमिरिका प्रसाद , अतुल पांडेय , श्याम बिहारी गुप्ता उर्फ मुन्ना गुप्ता , अछैबट पंडित इत्यादि गणमान्य लोगों की मौजूदगी रहे।

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Aditya Prakash Srivastva